
अर्शदीप सहित अन्य युवा गेंदबाजों को करेंगे प्रेरित
बेंगलुरू । आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी में मुख्य तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के नहीं होने से इस बार भारतीय टीम की तेज गेंदबाजी की कमान अनुभवी मोहम्मद शमी के पास रहेगी। शमी इसे समझते हैं और इसी लिए वह दुबई पहुंचते ही अभ्यास करते दिखे। शमी एक साल से अधिक समय के बाद अंतराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी कर रहे हैं। ऐसे में उन्हें लय हासिल करने में थोड़ा समय जरुर लग सकता है पर उसके बाद उन्हें खेलना किसी भी बल्लेबाज के लिए आसान नहीं रहेगा। प्रशंसकों को उम्मीद है कि शमी के होने से टूर्नामेंट में बुमराह की कमी काफी हद तक पूरी हो जाएगी। बुमराह चोट के कारण टीम से बाहर हैं। शमी की तैयारियों और फिटनेस को लेकर काफी आशंकाएं भी हैं। भारतीय टीम को दुबई में बांग्लादेश के खिलाफ 20 फरवरी को पहला मैच खेलना है। शमी ने चोट से उबरने के बाद घरेलू क्रिकेट के अलावा इंग्लैंड के खिलाफ एकदिवसीय सीरीज खेली थी पर उनकी गेंदबाजी में पहले वाली धार नहीं दिखी। बड़े आईसीसी टूर्नामेंट में अपेक्षाओं पर खरे उतरने का दबाव अलग होता है। ऐसे में बुमराह की गैर मौजूदगी में उन पर दबाव और बढ़ जाएंगा। चैम्पियंस ट्रॉफी में शमी को बांए हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह और हर्षित राणा से सहायता मिलेगी पर जहां अर्शदीप बुमराह के स्तर के गेंदबाज नहीं हैं वहीं राणा एकदम नये गेंदबाज हैं। इसी को लेकर पूर्व तेज गेंदबाज लक्ष्मीपति बालाजी का मानना है कि शमी के पास काफी अनुभव है और वह इस चुनौती से निपट सकेंगे। बालाजी ने कहा, ‘उसने 2019 एकदिवसीय विश्व कप और 2023 विश्व कप में अच्छी गेंदबाज की थी। शमी के पास अनुभव है और बुमराह के आने से पहले भारत के आक्रमण की जिम्मेदारी उसी पर थी। उन्होंने कहा, ‘अगर भारतीय टीम को अगर अच्छा प्रदर्शन करना है तो शमी को नई गेंद से अच्छा प्रदर्शन करना होगा। पहले छह ओवर में नई गेंद से अच्छा प्रदर्शन भारत के लिए अंतर पैदा करेगा। अगर शमी शुरुआती विकेट दिलाते हैं तो भारतीय टीम का मनोबल काफी बढ़ेगा। शमी की जिम्मेदारी विकेट लेना ही नहीं बल्कि अर्शदीप और हर्षित राणा जैसे गेंदबाजों को प्रेरित कर उनसे बेहतर प्रदर्शन लेना भी रहेगा।
