कार्यक्रम को बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री संदीप सिंह ने भी सम्बोधित किया

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज जनपद वाराणसी में शिवपुर स्थित कम्पोजिट विद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2026-27 में शत-प्रतिशत नामांकन एवं ट्रांजिशन सुनिश्चित करने वाले व्यापक ‘स्कूल चलो अभियान’ का शुभारम्भ करने के पश्चात आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने बच्चों को नवीन शैक्षणिक सत्र की पाठ्य-पुस्तकों तथा निपुण विद्यालयों एवं विद्यार्थियां को प्रमाण पत्र का वितरण किया। उन्होंने शैक्षिक नवाचार एवं उपलब्धियों पर आधारित पुस्तिका का विमोचन किया तथा छात्र-छात्राओं को मिड-डे-मील योजना का भोजन परोसा। इसके पूर्व, मुख्यमंत्री जी ने श्री काल भैरव मन्दिर एवं श्री काशी विश्वनाथ मन्दिर में दर्शन-पूजन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 अप्रैल तक चलने वाले ’स्कूल चलो अभियान’ के साथ प्रत्येक शिक्षक को जुड़ना चाहिए। इस सम्बन्ध में प्रधानाचार्य अभिभावकों के साथ बैठकें करें। विद्यालय प्रारम्भ होने से एक घण्टा पूर्व गांवों और मोहल्लों में निकलें, हर घर का दरवाजा खटखटाएं और पूछें कि कोई बच्चा स्कूल से वंचित तो नहीं है। अभिभावकों को बताएं कि सरकार सब कुछ निःशुल्क उपलब्ध करा रही है, आप अपने बच्चे का पंजीकरण कराइए। विगत 09 वर्षों में लगभग 60 लाख नए बच्चों को बेसिक शिक्षा के स्कूलों से जोड़ा गया है। इस बार लक्ष्य है कि 03 से 06 वर्ष तक की आयु का प्रत्येक बच्चा आंगनबाड़ी (बाल वाटिका) में जाए और 06 वर्ष से ऊपर का प्रत्येक बच्चा प्राइमरी स्कूल में नामांकित हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेसिक शिक्षा परिषद में पढ़ने वाले प्रत्येक बच्चे के लिए ’डबल इंजन’ सरकार ने वर्ष में दो यूनिफॉर्म, बैग, किताबें, जूते-मोजे और स्वेटर जैसी सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई हैं। एडमिशन की प्रक्रिया जैसे ही प्रारम्भ होगी, 15 अप्रैल के बाद पहले चरण में और 15 जुलाई के बाद दूसरे चरण में डी0बी0टी0 के माध्यम से धनराशि सीधे अभिभावकों के खाते में भेजी जाएगी। जुलाई में जब स्कूल खुलें, तो उससे पांच दिन पहले विद्यालयों की साफ-सफाई करें, खरपतवार हटाएं और पेयजल व टॉयलेट की व्यवस्था दुरुस्त करें। 01 से 15 जुलाई के बीच ’स्कूल चलो अभियान’ का दूसरा चरण चलाएं ताकि एक भी बच्चा छूटने न पाए।
कहा कि वर्ष 2017 के पूर्व उत्तर प्रदेश में ’ड्रॉप आउट रेट’ 19 प्रतिशत से अधिक था। तीसरी, चौथी, पांचवीं या छठी क्लास के बाद बच्चे स्कूल छोड़ देते थे। हमारी सरकार ने प्रदेश भर से डेटा एकत्रित करवाया और अन्ततः हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि बच्चे स्कूल इसलिए नहीं जाते थे क्योंकि स्कूलों में पेयजल तथा बालक और बालिकाओं के लिए अलग-अलग टॉयलेट की व्यवस्था नहीं थी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की प्रेरणा, मार्गदर्शन और नेतृत्व में आज बेसिक शिक्षा परिषद के लगभग सभी विद्यालयों में पेयजल सहित बालक-बालिकाओं के लिए अलग-अलग टॉयलेट की व्यवस्था सुनिश्चित हुई है। इसी का परिणाम है कि ’ड्रॉप आउट रेट’ आज 19 प्रतिशत से घटकर 03 प्रतिशत तक पहुँचा है।
कार्यक्रम को श्रम एवं सेवायोजन मंत्री श्री अनिल राजभर, स्टाम्प तथा न्यायालय शुल्क एवं पंजीयन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री रवीन्द्र जायसवाल तथा बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री संदीप सिंह ने भी सम्बोधित किया।
इस अवसर पर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री राकेश सचान, विधान परिषद सदस्य श्री हंसराज विश्वकर्मा व श्री धर्मेन्द्र सिंह, विधायक डॉ0 अवधेश सिंह, श्री टी0 राम, श्री सुशील सिंह, डॉ0 नीलकण्ठ तिवारी, वाराणसी के महापौर श्री अशोक कुमार तिवारी, अपर मुख्य सचिव बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा श्री पार्थ सारथी सेन शर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
