
जम्मू,। जम्मू-कश्मीर विधानसभा में जमकर हुए हंगामे से राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरु हो गया है। जहां भारतीय जनता पार्टी ने सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस पर सदन की कार्यवाही को बाधित करने का आरोप लगाकर कहा कि विधानसभा को चरमपंथी विचारधारा के मंच में बदलने के किसी भी प्रयास को स्वीकार नहीं किया जाएगा और अगर विधानसभा में इसतरह के नारे लगाए जाते हैं, तब राज्य का दर्जा भी बहाल नहीं किया जाना चाहिए। विधानसभा में विपक्ष के नेता सुनील शर्मा ने सदन में लगे नारों पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर क्षेत्र में कहीं अलगाववाद या आतंकवाद की कोई जड़ें बची हैं, तब हम चाहते हैं कि उन्हें भी पूरी तरह से उखाड़ दें और उसके बाद ही राज्य का दर्जा बहाल किया जाए। शर्मा ने कहा,हम किसी भी कीमत पर राज्य का दर्जा बहाल करने के पक्ष में नहीं हैं। अगर राज्य का दर्जा बहाल करने का मतलब यह है कि फिर से ऐसा माहौल बने जहां नेकां के वरिष्ठ नेता पाकिस्तान से बातचीत की बात करें और ‘नारा-ए-तकबीर, अल्लाहु अकबर’ जैसे नारे लगाए जाएं, तब हम इसके पक्ष में नहीं हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह जामा मस्जिद नहीं है, जहां इस तरह के धार्मिक नारे लगाए जाएं। यह विधानसभा है, जहां लोगों के मुद्दों पर चर्चा होती है और समाधान ढूंढे जाते हैं।
