
-मद्रास हाईकोर्ट पहले ही दे चुका है ट्रांजिट अग्रिम जमानत
मुंबई,। स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा पर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को गद्दार कहने के मामले ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है। कामरा ने उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। कॉमेडियन कुणाल कामरा ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए एफआईआर को रद्ध करने की मांग की है। अपनी याचिका में उन्होंने दावा किया है कि उनके खिलाफ की गई एफआईआर संविधान में दिए गए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, व्यवसाय की स्वतंत्रता और जीवन व व्यक्तिगत स्वतंत्रता के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करती है। उन्होंने कोर्ट से अनुरोध किया है कि इस मामले में उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द किया जाए। 21 अप्रैल को हो सकती है सुनवाई कॉमेडियन की ओर से यह याचिका अधिवक्ता मीनाज काकलिया ने दायर की है। इस पर 21 अप्रैल को न्यायमूर्ति सारंग कोटवाल की पीठ के सामने सुनवाई हो सकती है। इससे पहले कुणाल कामरा को मद्रास हाईकोर्ट से अंतरिम ट्रांजिट अग्रिम जमानत मिल चुकी है, क्योंकि वे तमिलनाडु के निवासी हैं। अब तक समन पर नहीं हुए पेश मुंबई पुलिस ने कुणाल कामरा को अब तक तीन बार समन भेजा है, लेकिन वे पूछताछ के लिए हाजिर नहीं हुए। मामला एक शो के दौरान की गई टिप्पणी से जुड़ा है, जिसमें कुणाल ने एक फिल्मी गाने के जरिए डिप्टीसीएम शिंदे का नाम लिए बिना उन पर कटाक्ष करते हुए उन्हें गद्दार कहा था। राजनीतिक रंग लेता मामला यह मामला अब राजनीतिक रंग भी लेता जा रहा है। कामरा के समर्थकों का कहना है कि यह कलाकार की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है, वहीं कुछ राजनीतिक दल इसे अपमानजनक और आपत्तिजनक बता रहे हैं। अब देखना यह होगा कि बॉम्बे हाईकोर्ट इस याचिका पर क्या रुख अपनाता है और क्या कुणाल कामरा को राहत मिलती है या नहीं।
