
उड़ीसा से लाकर भोपाल में खपाकर फरार होने की फिराक में थे -क्राइम ब्रांच ने डिलेवरी देने से पहले ही दबोचा लिया, 4 लाख का माल जप्त
भोपाल । राजधानी भोपाल की क्राइम ब्रांच टीम ने चार तस्करो को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चार लाख कीमत का 15 किलो 160 ग्राम गाँजा जप्त किया है। आरोपी यह गांजा उड़ीसा से भोपाल लेकर आये थे, और इसे भोपाल मे ठिकाने लगाकर उड़न छू हो जाने की फिराक में थे। लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। क्राइम ब्रांच थाना प्रभारी अशोक मरावी ने बताया की मुखबिर से सूचना मिली की एमपी नगर इलाके में स्थित यस बैंक के सामने ग्राउंड में पेड के पास चार सदिंग्ध युवक थैलो में नशीला पर्दाथ रखकर बैठे है। यह सभी नशीले माल की डिलेवरी देने के लिये ग्राहक का इंतजार कर शहर छोड़ने की फिराक में है। खबर मिलते ही टीम ने बैंक के सामने मैदान में अपने-अपने पास अलग-अलग प्लास्टिक के थैलै लिये बैठे चारो सदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। उनकी पहचान अर्जुन कुचबंदिया पिता जमना कुचबंदिया (19) निवासी थाना सिविल लाईन जिला हरदा, सूरज कुचबंदिया पिता हरि सिंह कुचबंदिया (35) निवासी थाना औबेदुल्लागंज जिला रायसेन, लक्ष्मण कुचबंदिया पिता रघुवीर कुचबंदिया (25) निवासी थाना हरदा जिला हरदा और नर्मदा कहार उर्फ छोटे पिता मुरलीधर कहार (27) निवासी थाना औबेदुल्लागंज तहसील गौहर गंज जिला रायसेन के रुप में हुई। दूसरे जगहो का रहवासी होने पर पुलिस ने जब उनसे मैदान में बैठने का कारण और उनके पास मौजूद थैलो के बारे में सामान के बारे में पूछा तब चारो सकपका गये और गोलमोल जवाब देने लगे। संदेह होने पर जब टीम ने उनके थैलो की तलाशी ली गई तो उनमें गांजा रखा मिला। चारो आरोपियो ने बताया की वह यह गांजा उड़ीसा से लेकर आ रहे थे, और इसकी डिलेवरी भोपाल में देते हुए यहॉ से निकलने का प्लान था। *जल्द पैसा कमाने के लालच में कर रहे थे तस्करी चारो आरोपी अनपढ़ है, इनमें शामिल अर्जुन कुचबंदिया मेहनत-मजदूरी का काम करता है, उसके खिलाफ थाना सिविल लाइन हरदा में प्रकरण दर्ज है। वहीं सूरज कुचबंदिया हलवाई का लक्ष्मण कुचबंदिया मजदूरी का और नर्मदा कहार पुराने कपडो का काम करता है। शुरुआत में तीनो का कोई अपराधिक रिकार्ड सामने नहीं आया है। आरोपी जल्द पैसा कमाने के लालच में गांजा तस्करी कर रहे थे, उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट का मामला कायम कर पुलिस उनके राजधानी में फैलै उनके नेटवर्क के तार खंगाल रही है।
