
-बहादुर शाह जफर प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महानायक
नई दिल्ली । भाजपा नेता और पू्र्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने विपक्ष और औरंगजेब को लेकर सख्त टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग संविधान की किताब हाथ में लेकर घूमते हैं, लेकिन उसकी धज्जियां उड़ाने में गर्व करते हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री नकवी ने किसानों के मुद्दे और औरंगजेब को लेकर चल रही बहस पर कहा कि विपक्ष सांप्रदायिक ध्रुवीकरण कर रहा है। नकवी ने कहा कि वन्यजीव संरक्षण अधिनियम और उसमें संशोधन का अधिकार संसद के पास है। राज्य विधानसभाएं संशोधन को स्वीकार या अस्वीकार नहीं कर सकतीं। फिर भी, कुछ लोग नियम को तोड़कर सांप्रदायिक ध्रुवीकरण करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा, ये लोग समाज को एकजुट करने की ताकत को कमजोर करके टकराव का माहौल बनाते हैं।” नकवी ने विपक्ष पर निशाना साधकर कहा कि ये लोग भोले-भाले किसानों के कंधों पर बंदूक रखकर अपना उल्लू सीधा करते हैं। जो लोग किसानों के नाम पर आपराधिक साजिश कर रहे थे, वे बेनकाब हो चुके हैं।” औरंगजेब को लेकर नकवी ने कहा कि वहां इंसानियत का नायक नहीं, बल्कि हैवानियत का खलनायक था। उन्होंने आश्चर्य जताया कि औरंगजेब पर हमला कर कुछ लोग बहादुर शाह जफर को निशाना बनाने लगे। नकवी ने कहा, “बहादुर शाह जफर 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महानायक थे। अंग्रेजों ने उन्हें गिरफ्तार कर खूब यातना दी और भारत में दफन तक नहीं होने दिया। उन्होंने अपनी बदनसीबी पर कहा था ‘कितना है बदनसीब जफर, दफन के लिए दो गज जमीन भी न मिली।’” नकवी ने सवाल उठाया कि औरंगजेब की क्रूरता को भूलकर लोग जफर पर हमला क्यों कर रहे हैं। नकवी ने औरंगजेब की विदेशी आक्रांताओं वाली छवि पर भी बात की। उन्होंने कहा, “औरंगजेब की क्रूरता, उसकी आपराधिक और सांप्रदायिक करतूतें ऐसी हैं, जिन्हें कोई स्वीकार नहीं कर सकता। वह घृणा का पात्र है।
