
किसान गिरफ्तार किए गए हैं, उन्हें जल्द से जल्द छोड़ा जाए
नई दिल्ली । पंजाब में किसान नेताओं जगजीत सिंह डल्लेवाल और सरवन सिंह पंधेर को हिरासत में लेने के मामले पर सियासत शुरू हो गई है। किसान नेता राकेश टिकैत ने आम आ
किसान गिरफ्तार किए गए हैं, उन्हें जल्द से जल्द छोड़ा जाए नई दिल्ली (ईएमएस)। पंजाब में किसान नेताओं जगजीत सिंह डल्लेवाल और सरवन सिंह पंधेर को हिरासत में लेने के मामले पर सियासत शुरू हो गई है। किसान नेता राकेश टिकैत ने आम आदमी पार्टी (आप) मान सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हमारी लड़ाई केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ थी, लेकिन राज्य सरकार इस मामले में बेवजह ही कूद गई। किसान नेता टिकैत ने कहा, जो भी किसान गिरफ्तार किए गए हैं, उन्हें जल्द से जल्द छोड़ा जाए। उन्होंने कहा, पंजाब सरकार के रास्ते का मामला है और वे इस मुद्दे पर किसानों के साथ बातचीत कर सकते थे। मोदी सरकार चाहती है कि किसान और पंजाब सरकार के बीच टकराव की स्थिति बनी रहे। हमारी यही मांग है कि किसानों को रिहा किया जाए। साथ ही पंजाब के सीएम को किसानों से बातचीत कर समन्वय स्थापित करना चाहिए। हमारी मांगें केंद्र सरकार के पास हैं और पंजाब को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए, नहीं तब पूरा आंदोलन पंजाब में चला जाएगा। आंदोलन के तहत छत्तीसगढ़ और ओडिशा में पहले से ही बैठकें हो रही हैं। इस पूरे मामले में संयुक्त किसान मोर्चा फैसला लेगा और इस पर हम उनके साथ हैं। बता दें कि हरियाणा पुलिस ने गुरुवार सुबह किसानों की आवाजाही को प्रतिबंधित करने के लिए लगे कांक्रीट के बैरिकेड्स हटाना शुरू किया। इसके पहले पंजाब पुलिस ने देर शाम धरना स्थल को खाली करा दिया और अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे किसानों को हटा दिया।दमी पार्टी (आप) मान सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हमारी लड़ाई केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ थी, लेकिन राज्य सरकार इस मामले में बेवजह ही कूद गई। किसान नेता टिकैत ने कहा, जो भी किसान गिरफ्तार किए गए हैं, उन्हें जल्द से जल्द छोड़ा जाए। उन्होंने कहा, पंजाब सरकार के रास्ते का मामला है और वे इस मुद्दे पर किसानों के साथ बातचीत कर सकते थे। मोदी सरकार चाहती है कि किसान और पंजाब सरकार के बीच टकराव की स्थिति बनी रहे। हमारी यही मांग है कि किसानों को रिहा किया जाए। साथ ही पंजाब के सीएम को किसानों से बातचीत कर समन्वय स्थापित करना चाहिए। हमारी मांगें केंद्र सरकार के पास हैं और पंजाब को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए, नहीं तब पूरा आंदोलन पंजाब में चला जाएगा। आंदोलन के तहत छत्तीसगढ़ और ओडिशा में पहले से ही बैठकें हो रही हैं। इस पूरे मामले में संयुक्त किसान मोर्चा फैसला लेगा और इस पर हम उनके साथ हैं। बता दें कि हरियाणा पुलिस ने गुरुवार सुबह किसानों की आवाजाही को प्रतिबंधित करने के लिए लगे कांक्रीट के बैरिकेड्स हटाना शुरू किया। इसके पहले पंजाब पुलिस ने देर शाम धरना स्थल को खाली करा दिया और अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे किसानों को हटा दिया।
