
एक ही बिल्डिंग में चल रहे कई अस्पताल ले रहे है आयुष्मान योजना का लाभ-एनएसयूआई -नियम विरुद्ध संचालित हो रहे अस्पताल शिकायतों के बाद भी नहीं हो रही कार्यवाही-रवि परमार
भोपाल । भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने राजधानी भोपाल के फर्जी अस्पतालों और ग्वालियर में एक ही बिल्डिंग में संचालित चार फर्जी अस्पतालों और एक कॉलेज समेत प्रदेश में संचालित किये जा रहे फर्जी अस्पतालों के खिलाफ लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव को शिकायत करते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। अपनी शिकायत में परमार ने बताया कि ग्वालियर में स्टार शिक्षा परासर समिति द्वारा संचालित एक ही बिल्डिंग में बिना मरीजों और स्टाफ के एमडी अस्पताल 140 बेड, भारत अस्पताल 144 बेड, श्याम अस्पताल 145 बेड, टाइम अस्पताल 146 बेड और विंग कालेज संचालित किए जा रहे हैं, जो पूरी तरह से नियमों के विरुद्ध है। वहीं ये चारों अस्पताल हेवर्ड नर्सिंग कॉलेज ग्वालियर से जुड़े हुए हैं। रवि परमार ने आरोप लगाते हुए कहा कि एक ही बिल्डिंग में 575 बेड के अस्पताल संचालित होना चिकित्सा मानकों का खुला उल्लंघन है। यह अस्पताल सिर्फ कागजों पर संचालित किए जा रहे हैं, जिसमें स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और सीएमएचओ की सीधी मिलीभगत है। *राजधानी भोपाल में भी चल रहे हैं फर्जी अस्पताल एनएसयूआई ने राजधानी भोपाल में भी चल रहे कई फर्जी अस्पतालों का खुलासा किया है। इनमें मेहको अस्पताल (180 बेड), गणपति अस्पताल (150 बेड), साईं अस्पताल (100 बेड), मल्टीकेयर अस्पताल (100 बेड), आशा मल्टीकेयर अस्पताल (50 बेड), सृजन जनरल अस्पताल (100 बेड) शामिल है। इसके साथ ही एनएसयूआई ने सनसनीखे आरोप लगाते हुए कहा है की राजधानी भोपाल के रायल मार्केट में मकान नं 77 की एक ही बिल्डिंग में यूनिक अस्पताल, सिटी केयर अस्पताल और, सेंट्रल अस्पताल नाम से तीन हॉस्पिटल संचालित किये जा रहे है। परमार ने आरोप लगाया कि इन सभी अस्पतालों में ना तो नियमानुसार बेड हैं, ना डॉक्टर हैं, और ना ही स्टाफ मौजूद है। वहीं इनमें से कई अस्पताल आयुष्मान जैसी योजनाओं में फर्जीवाड़ा कर सरकार से करोड़ों रुपए का लाभ ले रहे हैं। शिकायत करते हुए एनएसयूआई ने सभी फर्जी अस्पतालों की उच्चस्तरीय जांच की जाए, दोषी अधिकारियों और भोपाल सीएमएचओ डॉ प्रभाकर तिवारी समेत अन्य दोषी सीएमएचओ के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने, प्रदेशभर में संचालित सभी निजी अस्पतालों की सूची जारी कर हाईलेवल जांच कराये जाने और, फर्जी अस्पतालों की मान्यता तत्काल निरस्त करने की मांग की है। इसके साथ ही परमार ने चेतावनी दी कि यदि जल्द से जल्द इन अस्पतालों पर कार्रवाई नहीं की गई तो एनएसयूआई प्रदेशभर में आंदोलन करेगी।
