
वेटिकन । लंबे समय से बीमार चल रहे पोप फ्रांसिस की हालत फिलहाल स्थिर है और अब उन्हें किसी भी तरह के वेंटिलेशन की जरूरत नहीं है। यह संकेत है कि उन्होंने शुक्रवार को आई सांस की तकलीफ को सफलतापूर्वक पार कर लिया है और उनकी फेफड़ों की स्थिति में सुधार हो रहा है।हालांकि डॉक्टरों का मानना है कि अभी खतरा पूरी तरह टला नहीं है। पोप फिलहाल निमोनिया के दोहरे वार से उबर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक पोप अभी भी हाई-फ्लो ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं, लेकिन शुक्रवार को आए तेज खांसी के दौरे के बाद उनके स्वास्थ्य को लेकर जो चिंता थी, वह अब कुछ हद तक कम हो गई है। डॉक्टरों ने रविवार को उनकी सेहत के बारे में बताया कि वे स्थिर हैं, लेकिन अभी भी पूरी तरह खतरे से बाहर नहीं हैं।पोप की बीमारी के कारण दुनिया भर से उनके लिए दुआएं और प्रार्थनाएं की जा रही हैं। इस समय वेटिकन में पवित्र वर्ष मनाया जा रहा है, जिसके कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु रोम आ रहे हैं।पोप फ्रांसिस 14 फरवरी से रोम के जेमेली अस्पताल में भर्ती हैं। रविवार को उन्होंने सुबह वेटिकन के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट कार्डिनल पिएत्रो पैरोलिन और उनके चीफ ऑफ स्टाफ आर्चबिशप एडगर पेना पार्रा से मुलाकात की। हालांकि, उनकी बातचीत का विषय सार्वजनिक नहीं किया गया। पूरे दिन पोप ने आराम किया, अपनी निजी चैपल में प्रार्थना की और मास में हिस्सा लिया। वे वेटिकन से बाहर होने के कारण हर रविवार को दिए जाने वाले दोपहर के आशीर्वाद में भी शामिल नहीं हो पाए। इसके बजाय, वेटिकन ने जेमेली अस्पताल से ही उनका एक संदेश जारी किया, जिसमें उन्होंने अपने डॉक्टरों और शुभचिंतकों का धन्यवाद किया। पोप ने अपने संदेश में यूक्रेन और दुनिया भर में शांति की प्रार्थना की और कहा कि अस्पताल में रहकर उन्हें महसूस हो रहा है कि युद्ध कितनी बेतुकी चीज है।
