
लंदन । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के बीच हुई बहस के बाद सीधे ब्रिटेन पहुंचे जेलेंस्की का साथ ब्रिटेन दे रहा है। आर्थिक मदद की और दूसरी तरह की सहायता उपलब्ध कराने का भी भरोसा दिलाया है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि ट्रंप से पंगा लेकर क्या ब्रिटेन अमेरिका से टक्कर ले पाएगा। यूक्रेन और यूके ने यूक्रेन की रक्षा क्षमताओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक कर्ज समझौते पर हस्ताक्षर किए। जेलेंस्की ने एक्स पर अपने पोस्ट में कहा, आज हमारी उपस्थिति में, यूक्रेन और यूनाइटेड किंगडम ने एक कर्ज समझौते पर हस्ताक्षर किए। यह पैसा यूक्रेन की रक्षा क्षमताओं को बढ़ाएगा। इस पैसे को यूक्रेन में हथियार उत्पादन के लिए खर्च किया जाएगा। मैं यूनाइटेड किंगडम के लोगों और सरकार को इस युद्ध की शुरुआत से ही उनके जबरदस्त समर्थन के लिए धन्यवाद देता हूं। हम ऐसे रणनीतिक साझेदार पाकर खुश हैं। हम सभी के लिए एक सुरक्षित भविष्य कैसा होना चाहिए, इसका एक ही नजरिया रखते हैं। जब जेलेंस्की ब्रिटेन पहुंचे तो उन्होंने स्टार्मर को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने इस मुलाकात को सार्थक और गर्मजोशी भरा बताया। लेकिन अब सवाल है क्या स्टार्मर, ट्रंप से सीधी टक्कर ले रहे हैं। हालांकि उन्होंने जेलेंस्की-ट्रंप मुलाकात से कुछ दिन पहले ही ट्रंप से मुलाकात की थी। इस दौरान ट्रंप ने एक सवाल पूछ दिया था जिससे वह असहज हो गए थे।ट्रंप ने ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर को चैलेंज करते हुए पूछ लिया कि क्या वे अकेले रूस का मुकाबला कर पाएंगे? पत्रकारों के सामने ट्रंप का यह सवाल सुनकर स्टार्मर चौंक गए। हालांकि कुछ सेकेंड बाद ही उन्हें कुछ और ही एहसास हुआ और उन्होंने ट्रंप के सवाल को हंसते हुए टाल दिया। लेकिन ट्रंप से बहस के बाद जेलेंस्की से मुलाकात कर वह सीधे ट्रंप को चुनौती दे रहे हैं। क्या ब्रिटेन में उतना दम भी है कि वह अमेरिका को चुनौती दे सके।
