
वाशिंगटन । दुनिया के किसी भी देश को अमेरिका डराता और धमकाता है। जिसके साथ चाहे उसके साथ वैसी डील करने को मजबूर कर देता है। ऐसी हरकतों से सभी देश परेशान हैं। इसी बीच रुस और चीन ने एक ऐसा प्लान तैयार किया है जिससे अमेरिका को बड़ा झटका लग सकता है। दरअसल रूस और चीन ने मिलकर ऐसा प्लान बनाया है जिससे अमेरिका के अंदर डर बैठ सकता है। रूस और चीन जैसे देशों द्वारा अमेरिकी संघीय कर्मचारियों को नौकरी देने की कोशिश की खबरें सामने आई हैं।मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ये देश उन कर्मचारियों, खासकर हाल ही में निकाले गए या निकाले जाने की आशंका वाले लोगों को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं, जिनके पास अमेरिकी महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे और सरकारी कामकाज की अंदरूनी जानकारी हो सकती है। रिपोर्ट में बताया गया है कि ये विरोधी देश राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और तथाकथित डीओजीई द्वारा किए गए बड़े पैमाने पर छंटनी का फायदा उठाने का प्रयास कर रहे हैं। इन कर्मचारियों तक पहुंचने के लिए, रूस और चीन ने समर्पित वेबसाइटें स्थापित की हैं। साथ ही लिंक्डइन, टिकटॉक, रेडिट और रेडनोट जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के माध्यम से संपर्क कर रहे हैं। खुफिया सूत्रों का मानना है कि ये देश उन लोगों को निशाना बना रहे हैं जो अभी सबसे कमजोर स्थिति में हैं। उनके ज्ञान और अनुभव का उपयोग करके अमेरिका पर रणनीतिक बढ़त हासिल करने के लिए। राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड ने इन रिपोर्टों की निंदा करते हुए उन्हें अविश्वासी बताया और कहा कि ऐसे कर्मचारी ठीक उसी प्रकार के लोग हैं जिन्हें हमें बाहर निकालने की जरूरत है। हालांकि सीएनएन के एक सूत्र ने चेतावनी दी है कि इन चिंताओं को खारिज करने से अमेरिकी सुरक्षा के लिए गंभीर परिणाम हो सकते हैं। इस खबर से साफ समझा जा सकता है कि चीन और रूस अमेरिका को हर तरफ से घेरना चाहता है। वह उन लोगों को भर्ती करने की चाहत रखता है जिन्हें नौकरी से निकाला जाएगा। जाहिर है वह योग्य हैं और उनके पास कई अहम जानकारी होंगे। ऐसे में जब उन्हें निकाला जाएगा तो वह इमोशनली काफी कमजोर होंगे। जिसका फायदा चीन और रूस जैसे देश उठाना चाहते हैं।
