– बीमा कंपनी की आपत्ति खारिज करते चालक को माना दोषी
इन्दौर
बस पलटने के बाद हुई हादसे से शिक्षक की मौत के क्लेम मामले में कोर्ट ने बस चालक को लापरवाह मानते मृतक शिक्षक के परिजनों को 1 करोड़ 3 लाख रुपए मुआवजा देने का आदेश दिया है। आदेश पर बीमा कंपनी की ओर से यह आपत्ति दर्ज कराई गई कि मृतक की पत्नी को 51 हजार रुपए मासिक पेंशन मिल रही है, जिसे मुआवजे में से घटाया जाए। कोर्ट ने इस आपत्ति को खारिज करते परिजनों को पूरी राशि ब्याज सहित देने का आदेश दिया। एड्वोकेट किशोर गुप्ता ने प्रकरण में फरियादी की ओर से पैरवी की। एडवोकेट गुप्ता के अनुसार प्रकरण कहानी संक्षेप में इस प्रकार है कि 13 सितंबर 2022 को शिक्षक त्रिलोकचंद कलमे ग्राम दौंडवा के विद्यालय से अपना अध्यापन कार्य पूर्ण करने के बाद खरगोन जिले के बांसवा स्थित अपने घर बस से लौट रहे थे तो इंदौर-इच्छावर रोड पर भूतिया नदी के पास जिस बस में वे यात्रा कर रहे थे वह बस पलट गई और हादसे में शिक्षक त्रिलोकचंद कलमे की मौत हो गई। हालांकि दुर्घटना में अन्य यात्रियों को भी चोटें आईं थीं। हादसे के समय मृतक कलमे शासकीय प्राथमिक विद्यालय, दौंडवा (जिला खंडवा) में वरिष्ठ शिक्षक के पद पर कार्यरत थे। हादसे के बाद धनगांव थाना पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया था और उनकी पत्नी और दो बेटों ने मुआवजे के लिए कोर्ट में दावा लगाया था। प्रकरण सुनवाई में बीमा कंपनी ने आपत्ति दर्ज कराई कि मृतक की पत्नी को 51 हजार रुपए मासिक पेंशन मिल रही है, जिसे मुआवजे में से घटाया जाए इस आपत्ति को खारिज करते हुए परिजनों को कोर्ट ने 1 करोड़ 3 लाख रुपए मुआवजा देने का आदेश दिया । कोर्ट ने हादसे के लिए बस चालक की लापरवाही को जिम्मेदार माना क्योंकि वह तेज रफ्तार और लापरवाहीपूर्वक बस चला रहा था।
