
म्यूनिख,। भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में आतंकवाद के मामले पर पाकिस्तान को लताड़ा है। इस बैठक की अध्यक्षता चीन कर रहा था, लेकिन बैठक में भारतीय राजनयिक ने कहा कि भारत लंबे समय से पाकिस्तान में सक्रिय जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों की हरकतों से पीड़ित है। इसके बाद भी जब पाकिस्तान कहता है कि वह दहशतगर्दों से निपटने की कोशिश कर रहा है तो यह बड़ी विडंबना है। बैठक में चीन भारत की बातों को चुपचाप सुनता रहा। संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के डिप्टी पीएम और विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार ने ग्लोबल गवर्नेंस में सुधार को लेकर एक डिबेट में जम्मू-कश्मीर का जिक्र किया था। इसके बाद जब भारत ने खूब सुनाया और पाकिस्तान को वैश्विक आतंकवाद का केंद्र करार दिया। उन्होंने कहा कि यहां से ऐसे 20 से ज्यादा आतंकी संगठन चल रहे हैं, जो संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंधित सूची में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह दुनिया की सबसे बड़ी विडंबना होती है, जब पाकिस्तान कहता है कि वह आतंकवाद से लड़ेगा या लड़ रहा है। भारत तो लंबे समय से आतंकवाद से पीड़ित है। भारत ने कहा कि पाकिस्तान में तो जैश-ए-मोहम्मद जैसे दर्जनों आतंकी संगठन सक्रिय हैं। हरीश ने कहा कि पाकिस्तान में सक्रिय कई आतंकी संगठनों को 1267 अलकायदा प्रतिबंध समिति के तहत सूचित किया गया है। हरीश ने कहा कि आतंकवाद को किसी भी हाल में सही नहीं ठहराया जा सकता। आतंकवाद किसी भी संगठन या देश की ओर से छेड़ा जाए, वह गलत है। उन्होंने कहा कि निर्दोष लोगों का कत्लेआम करने वाले आतंकवाद का किसी भी लिहाज से बचाव नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि इस संस्था को यह तय करना होगा कि गुड आतंकवाद और बैड आतंकवाद जैसी नहीं होती। आतंकवाद सिर्फ आतंकवाद होता है और उससे सख्ती से निपटने की जरूरत है।
