
नई दिल्ली, भारत और फ्रांस के बीच संबंध और मजबूत हुए हैं। पीएम नरेंद्र मोदी का आगामी फ्रांस दौरा इस रिश्ते को और गहरा बनाने के लिए एक अहम माना जा रहा है। पीएम मोदी 10-11 फरवरी को पेरिस दौरे पर जाएंगे इसमें कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। फ्रांस और भारत ने हाई-टेक्नोलॉजी के क्षेत्रों में साझेदारी को बढ़ाने का फैसला किया है। इससे रक्षा, अंतरिक्ष अनुसंधान, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को नई ऊंचाइयों मिलने की उम्मीद है। इस दौरे में दोनों देश सिविल न्यूक्लियर एनर्जी में सहयोग बढ़ाने के लिए एक नए समझौते पर हस्ताक्षर कर सकते हैं। भारत में ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने यह एक बड़ा कदम होगा। फॉरेन ऑफिस कंसल्टेंट मीटिंग के दौरान दोनों देशों ने अपने रणनीतिक संबंधों को नई दिशा देने पर बातचीत की। इसमें हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और वैश्विक आपूर्ति शृंखला को स्थिर बनाने पर जोर दिया गया है। भारत और फ्रांस की कंपनियों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिए इस दौरे में कई आर्थिक समझौतों पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। पीएम मोदी का यह दौरा केवल दोनों देशों के बीच आर्थिक और तकनीकी सहयोग को मजबूत करने के साथ ही वैश्विक राजनीति में भारत और फ्रांस की भूमिका को भी नई दिशा देगा। फ्रांस के साथ बढ़ते सहयोग से भारत की वैश्विक स्थिति और मजबूत होगी और यह दौरा भारत के लिए कूटनीतिक और रणनीतिक दृष्टिकोण से बेहद अहम हो सकता है।
