
केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर लगाया उदासीन रवैया अपनाने का आरोप
नई दिल्ली, आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को केंद्र सरकार पर मिडिल क्लास लोगों के प्रति उदासीन रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मिडिल क्लास टैक्स टेररिज्म का शिकार हैं। सरकारें टैक्स वसूलती हैं, लेकिन बदले में उन्हें कुछ नहीं देतीं हैं। उन्होंने कहा कि मिडिल क्लास सरकार का एटीएम बनकर रह गया है। जीने से लेकर मरने तक हर चीज पर टैक्स लगाया जा रहा है। युवा देश छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं। 2023 में 2.16 लाख से ज्यादा लोग भारत छोड़कर विदेश चले गए हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने जनता का पैसा जनता पर खर्च किया है। शिक्षा बजट 16 हजार करोड़ कर दिया। पानी-बिजली के बिल कम किए और 24 घंटे बिजली आपूर्ति की। 60 साल से ऊपर के बुजुर्गों को मुफ्त इलाज देने की योजना लागू की है। वहीं अरविंद केजरीवाल ने सरकार से 6 मांगें की हैं जिसमें शिक्षा पर बजट 2 फीसदी से बढ़ाकर 10 फीसदी किया जाए, प्राइवेट स्कूलों की फीस पर लगान लगाई जाए। उच्च शिक्ष पर सब्सिडी दी जाए। हेल्थ बजट बढ़ाकर लाइफ इंश्योरेंस से टैक्स हटाया जाए। वहीं बुजुर्गों के लिए योजनाएं अच्छा रिटायरमेंट प्लान और मुफ्त इलाज सुनिश्चित की जाएं। बुजुर्गों के लिए यात्रा में 50 फीसदी कंसेशन बहाल फिर से शुरू हो। इनकम टैक्स सीमा को 7 लाख से बढ़ाकर 10 लाख किया जाए। केजरीवाल ने ऐलान किया कि आप संसद में मिडिल क्लास की आवाज बुलंद करेगी। बजट सत्र में पार्टी मिडिल क्लास के लिए इन मांगों को उठाएगी। उन्होंने कहा कि जनता का पैसा जनता के लिए खर्च होना चाहिए, न कि कॉरपोरेट्स के कर्ज माफ करने में। अब देखना है कि केंद्र सरकार केजरीवाल की इन मांगों पर कितना ध्यान देती है।
