
-इससे पहले विदेश सचिव आमना बलोच पहुंचेंगी ढाका
इस्लामाबाद,। पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच बीते कुछ माह में संबंधों में तेजी से सुधार हुआ है। पाकिस्तान और बांग्लादेश के बेहतर होते संबंधों के पीछे अहम कारण चीन को माना जा रहा है। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस ने हाल ही में चीन का दौरा किया है। अब पाकिस्तान के डिप्टी प्राइम मिनिस्टर और विदेश मंत्री इशाक डार ढाका जाने की तैयारी में हैं। वहीं भारत इस घटनाक्रम पर बारीकी से देख रहा है। डार का बांग्लादेश दौरा बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि दोनों देशों में 13 साल बाद इस तरह की यात्रा हो रही है। यह 2012 के बाद इस्लामाबाद से ढाका की पहली हाई लेवल यात्रा होगी। तब पाकिस्तान की विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार बांग्लादेश गई थीं। डार की इस यात्रा का मकसद दोनों देशों के बीच संबंधों को बेहतर बनाना है। इस दौरान डिफेंस, फाइटर प्लेन की खरीद, ट्रेनिंग और स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम जैसे मुद्दों पर बात हो सकती है। डार की यात्रा से पहले पाकिस्तान की फॉरेन सेक्रेटरी अमना बलोच 17 अप्रैल को ढाका जाएगी। बांग्लादेश के फॉरेन एडवाइजर एमडी तौहीद हुसैन ने डार के ढाका आने की पुष्टि की है। हालांकि दौरे की तारीख पर उन्होंने कहा कि हम अगले कुछ दिनों में इसका ऐलान करने वाले है। डार की ढाका की यह यात्रा 20 और 21 अप्रैल को हो सकती है। इस दौरान दूसरे क्षेत्रों के अलावा, इंटेलिजेंस शेयरिंग और पाकिस्तान-बांग्लादेश पॉलिटिकल कंसल्टेटिव मीटिंग पर भी चर्चा हो सकती है। खुफिया जानकारी का आदान-प्रदान भारत के लिए पूर्वोत्तर में सुरक्षा के लिहाज से मुश्किल पैदा कर सकता है। पाकिस्तान से बांग्लादेश की ये नजदीकी पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के पिछले साल अगस्त में सरकार से हटने के बाद आई है। बांग्लादेश में यूनुस के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद बाद पूरे क्षेत्र के डिप्लोमेटिक समीकरण बदल रहे हैं। भारत, बांग्लादेश, पाकिस्तान और चीन पर खासतौर से इसका असर हो रहा है। शेख हसीना के जाने के बाद से भारत और बांग्लादेश के रिश्ते तनावपूर्ण हुए हैं। वहीं चीन ने अपना प्रभाव बांग्लादेश में बढ़ाते हुए पाकिस्तान के लिए भी ढाका दरवाजा खोला है। भारत को घेरने की रणनीति के तहत चीन इस गठजोड़ को मजबूत करने पर ध्यान दे रहा है।
