
-अब होगी बिना टावर के मोबाइल फोन से सीधे सैटेलाइट कनेक्टिविटी
वाशिंगटन,। एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने शनिवार रात यानी भारतीय समय के मुताबिक रविवार सुबह 6:23 बजे फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से फाल्कन-9 रॉकेट का सफल प्रक्षेपण किया। यह लॉन्चिग इसलिए भी खास है क्योंकि यह पूर्णिमा की रात हुआ, जिसने आसमान में एक शानदार नजारा पेश किया। इस मिशन में फाल्कन-9 ने कुल 21 स्टारलिंक सैटेलाइट्स को पृथ्वी की निचली कक्षा में स्थापित किया है। इनमें से 13 सैटेलाइट्स डिरेक्ट टू सेल तकनीक से लैस हैं। यह तकनीक बिना टावर के मोबाइल फोन से सीधे सैटेलाइट कनेक्टिविटी संभव बनाएगी, जिससे दूरदराज़ और नेटवर्क विहीन इलाकों में भी मोबाइल सिग्नल मिल सकेगा। डिरेक्ट टू सेल सुविधा की शुरुआत अमेरिका में टी-मोबाइल के साथ साझेदारी में की जाएगी। इसका उद्देश्य समुद्र, पहाड़ों और अन्य दूरस्थ क्षेत्रों में भी नेटवर्क पहुंचाना है। यह प्रक्षेपण स्पेसएक्स के लिए ऐतिहासिक रहा क्योंकि यह कंपनी की अब तक की 400वीं उड़ान थी। 2025 में यह 42वीं फाल्कन-9 लॉन्चिंग है, जिनमें से 28 स्टारलिंक मिशनों के लिए की गई है। इस मिशन में इस्तेमाल किया गया बूस्टर पहले भी 9 बार उड़ान भर चुका है। लॉन्च के करीब 2.5 मिनट बाद यह बूस्टर धरती की ओर लौट आया और अटलांटिक महासागर में ए शॉर्टफाल ऑफ ग्रेरेविटस नामक ड्रोनशिप पर सुरक्षित उतर गया। बूस्टर की यह 10वीं सफल वापसी थी। फाल्कन-9 के ऊपरी चरण ने सभी 21 सैटेलाइट्स को करीब 1 घंटे में उनकी कक्षा में स्थापित कर दिया। अब ये सैटेलाइट्स अपनी ऑपरेशनल ऑर्बिट में जाएंगे और स्टारलिंक के 7,000 से ज्यादा सैटेलाइट्स वाले नेटवर्क को और सशक्त बनाएंगे। यह नेटवर्क दुनिया भर में फैला है।
