
वाशिंगटन । अमेरिका और चीन के बीच का टैरिफ वॉर खुलकर सामने आ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावों पर चीन बराबरी की टक्कर दे रहा है। ट्रंप ने चीन से अमेरिका आयात होने वाले प्रोडक्ट पर टैरिफ की सीमा बढ़ाकर 125 प्रतिशत कर दी। इसके पहले ट्रंप चीन पर 104 प्रतिशत टैरिफ लगा रहे थे। ट्रंप ने फैसला तब किया जब चीन ने अमेरिका से इंपोर्ट होने वाले प्रोडक्ट पर 84 फीसदी टैरिफ लगा दिया था। बता दें कि टैरिफ लगाने के बाद एक प्रोडक्ट की कीमत बढ़ जाती है। ट्रंप ने चीन पर 125 फीसदी टैरिफ लगाया है। इसका मतलब यह है कि अब जो भी अमेरिकी बिजनेसमैन चीन से सामान मांगता हैं कि उसकी कीमत में 125 फीसदी का इजाफा होगा। इस तरह चीन का अमेरिकी प्रोडक्ट पर 84 फीसदी टैरिफ लगाने का मतलब यह है कि अब चीनी कंपनियों को अमेरिका में उत्पादित वस्तुओं को खरीदने के लिए 84 फीसदी अधिक भुगतान करना होगा। 2023 में चीन अमेरिकी वस्तुओं के सबसे बड़े उपभोक्ताओं में से एक था। यूएस-चीन व्यापार परिषद के आधार पर अमेरिका ने इस वर्ष के दौरान चीन को 145 बिलियन डालर का माल निर्यात किया। दरअसल चीन अमेरिका को कई तरह के सामानों की ब्रिकी करता है, क्योंकि वह अमेरिका का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार देशों में से एक है। मुख्य रूप से, चीन से अमेरिका को निर्यात होने वाले उत्पादों में शामिल हैं। ये चीजें प्रमुख रुप से है। इलेक्ट्रॉनिक्स: अमेरिका को चीन स्मार्टफोन, कंप्यूटर, टेलीविजन, और अन्य उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक सामान मशीनरी: चीन औद्योगिक मशीनें, उपकरण, और यांत्रिक पार्ट्स कपड़े और टेक्सटाइल: कपड़े, जूते, और अन्य वस्त्र उत्पाद खिलौने और खेल का सामान: बच्चों के खिलौने, गेमिंग उपकरण, और खेल से संबंधित उत्पाद भी चीन अमेरिका को भरपूर रुप से बेचता है। फर्नीचर: इतना ही नहीं बेड, सोफा, टेबल, और अन्य घरेलू फर्नीचर प्लास्टिक और रबर उत्पाद: रोजमर्रा के उपयोग की वस्तुएं जैसे कंटेनर, पैकेजिंग सामग्री आदि इसमें शामिल है। ऑटोमोबाइल पार्ट्स: वाहनों के लिए कलपुर्जे और सहायक उपकरण 2023 के आंकड़ों के अनुसार, चीन से अमेरिका को होने वाला कुल निर्यात करीब 500 अरब डॉलर से अधिक का था। ये उत्पाद सस्ती कीमत और बड़े पैमाने पर उत्पादन की वजह से अमेरिकी में लोकप्रिय हैं। वहीं अमेरिका का टेक्सास का नंबर सबसे आगे है जो चीन को 25.7 बिलियन डालर का निर्यात करता है। दूसरे नंबर पर कैलिफोर्निया है जो 16.4 बिलियन डालर का एक्सपोर्ट करता है। तीसरे नंबर पर लूइजियाना 6.5 बिलियन डॉलर का निर्यात चीन को करता है। चौथे नंबर पर दक्षिण कैरोलिना से चीन को कुल निर्यात 3.9 बिलियन डॉलर का निर्यात करता है। लेकिन अब ट्रंप की पॉलिसी की वजह से ऊपर दिए गए सामानों को खरीदना चीन के व्यापारियों / कंपनियों को काफी महंगा पड़ेगा। अगर ये कंपनियां अमेरिका से महंगे दामों में ये सामान खरीद भी लेती हैं, तब चीन के बाजार में इसकी कीमत काफी बढ़ जाएगी।
