
मुम्बई । भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी शिखर धवन ने कहा है कि वह अपने बेटे से पिछले दो साल से नहीं मिल पाने से दुखी हैं। धवन का कहना है कि पत्नी आयशा से तलाक के बाद उनके लिए अपने बेटे से बात करना भी संभव नहीं हो रहा है। ये उनके लिए एक कठिन समय है। इसका कारण है कि उनका नंबर तक ब्लॉक कर दिया गया है। भावुक हुए धवन ने कहा, मैं चाहता हूं कि वो खुश और स्वस्थ रहे। मैं उसे अब भी हर तीन या चार दिन में मैसेज करता हूं । मुझे उम्मीद नहीं है कि वो उन मैसेज को पढ़ेगा। अगर वो मैसेज ना भी पढ़े तो भी कोई परेशानी नहीं है। उससे संपर्क करने की कोशिश करना मेरा काम है और मैं ये करता रहूंगा। साथ ही कहा कि उनके बेटे की उम्र अब 11 वर्ष हो गई है। अपने बेटे से जुड़ाव महसूस करने के लिए वो आध्यात्मिकता का सहारा लेते है। शिखर धवन ने कहा कि मैंने दो साल पहले अपने बेटे को देखा था। एक साल पहले उससे अंतिम बार मेरी बात हुई थी। ये समय काफी मुश्किल रहा है। मगर इस तरह भी जीना सीख जाते है। मैं उसे याद करता हूं और आध्यात्मिक तौर पर उससे बात भी करता हूं। इससे मुझे लगता है कि मैं उसे गले लगा रहा हूं। मैं आध्यात्मिक रूप से इसमें ही अपनी ऊर्जा लगाता हूं। मुझे लगता है कि मैं इसी तरीके से अपने बेटे को वापस पा सकूंगा। गौरतब है कि धवन और उनकी पूर्व पत्नी आयशा मुखर्जी के तलाक के बाद से ही बेटे जोरावर की कस्टडी को लेकर दोनों के बीच लंबे समय तक मुकदमा चला था। तब धवन ने काफी कोशिश की थी कि वो अपने बेटे को अपने पास रख सकें पर उन्हें सफलता नहीं मिली और आयशा बेटे को लेकर अपने घर ऑस्ट्रेलिया चली गयी।
