
कोलकाता । नियमित कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ की कोहली में हुए फ्रेक्चर के बाद जहां एक बार फिर महेन्द्र सिंह धोनी को चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) की कप्तानी मिली है। वहीं भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली का भी मानना है कि धोनी का कप्तानी के दौरान अलग ही अंदाज देखने को मिलता है। इसलिए उन्हें अगर सीएसके की ओर से आगे भी खेलना है तो कप्तानी ही करनी चाहिये। गांगुली ने कहा कि 43 साल की उम्र में भी धोनी आसानी से बड़े शॉट खेल लेते हैं और ये उनकी खूबी है। वहीं सीएसके के लिए ये सत्र अच्छा नहीं रहा है और उसे पांच में से चार मैचों में हार का सामना करना पड़ा है। वहीं धोनी भी अब तक खेले मैचों में निचले क्रम पर उतरे हैं जिसपर कई सवाल भी उठे हैं। वहीं गांगुली ने एक कार्यक्रम में कहा,‘‘मेरा यह मानना है कि अगर धोनी को सीएसके के लिये खेलना है तो उसे कप्तान ही बने रहना चाहिये कई कप्तानी करते हुए वह अधिक बेहतर प्रदर्शन करते हैं।’’ गांगुली ने कहा, ‘‘धोनी अभी भी छक्के लगा रहा है। हमने पिछले मैच में देखा। वह 43 साल का हो गया है, ऐसे में स्वाभाविक है कि वह वैसे नहीं खेल सकता जैसे 2005 में खेलता था। इससे मुझे लगता है कि उसके भीतर अभी भी छक्के लगाने की ताकत है।’’ साथ ही कहा कि उसके अंदर खेल की समझ होने के साथ ही खेल का लंबा अनुभव भी है, ऐसे में वह वही करेगा जो टीम के लिये सही होगा।’’ वहीं पिछले बार की विजेता कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के अपने घरेलू मैच में खराब प्रदर्शन को लेकर गांगुली ने कहा, ‘‘ये टीम के कप्तान अजिंक्य रहाणे ही बता सकते हैं। पिछले मैच में वह जीत के करीब होने के बाद से ही हार गये थे।’’
