
नई दिल्ली,। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि लंबे समय से उपेक्षित रही परंपराएं और विरासत अब पुनर्जीवित हो गई हैं। ज्यादा भाषाओं को शास्त्रीय दर्जा प्राप्त है और भारतीय प्रथाओं को नया प्रोत्साहन और गति मिल रही है। उन्होंने कहा कि इसका सार यह है कि इंडिया आज भारत बन चुका है। यह बात बुधवार को जयशंकर एक कार्यक्रम में कही। उन्होंने कहा कि भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) परिवर्तन को मान्यता देता है और मुझे यकीन है कि यह इसे अपने भविष्य के कार्यों में शामिल करेगा। आईसीसीआर विदेश मंत्रालय के अंतर्गत आता है। जयशंकर ने कहा कि किसी भी संस्था के लिए 75 साल विकास और विस्तार का अहम समय होता है…। उन्होंने यह भी कहा कि यह समय और भी अहम हो जाता है। खासकर उस परिवेश को देखते हुए जिसमें ये संस्थाएं काम करती हैं। जयशंकर ने कहा कि हमारा राष्ट्र और हमारा समाज काफी बदल गया है। आज हम अपनी पहचान व्यक्त करने और इसकी समझ को बढ़ावा देने के मामले में पहले की तुलना में ज्यादा आश्वस्त, प्रामाणिक और प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि आज देश में हमारी संस्कृति, विरासत और परंपराओं के प्रति जागरूकता बढ़ी है। वास्तव में हम अपनी परंपराओं के कई पहलुओं पर गर्व महसूस करते हैं, जो अब कई पहल और योजनाओं में दिख रहे हैं। उदाहरण के तौर पर, हमारे पर्यटन को बढ़ावा देना और विश्व धरोहर स्थलों की संख्या में वृद्धि इनमें शामिल है।
