
दस विधेयक रोके जाने को बताया अवैध
नई दिल्ली,। तमिलनाडु सरकार को सुप्रीम कोर्ट से मंगलवार को बड़ी राहत मिली, जब अदालत ने राज्यपाल आरएन रवि द्वारा 10 विधेयकों को रोके जाने की कार्रवाई को अवैध और मनमानी करार दिया। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि राज्यपाल को संविधान का संरक्षक बनकर कार्य करना चाहिए, न कि राजनीतिक पार्टी के प्रभाव में। गौरतलब है कि तमिलनाडु की एमके स्टालिन सरकार ने विशेष सत्र में 12 विधेयक पास किए थे। 13 नवंबर 2023 को राज्यपाल आरएन रवि ने इनमें से 10 बिल बिना कारण बताए लौटा दिए और 2 बिल राष्ट्रपति के पास भेज दिए। इसके बाद सरकार ने 18 नवंबर को विशेष सत्र बुलाकर दोबारा ये बिल पास किए और राज्यपाल को भेजा, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस मामले को लेकर जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर. महादेवन की दो सदस्यीय पीठ ने फैसला सुनाते हुए राज्यपाल को नसीहत देने का काम कर दिया। कोर्ट ने राज्यपाल की कार्रवाई को अवैध घोषित करते हुए कहा, कि राज्यपाल का बिलों को यूं रोके रखना असंवैधानिक है। यह संसद और लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है। जिन बिलों को विधानसभा ने दोबारा पास कर भेजा था, उन्हें उसी दिन से स्वीकृत माना जाएगा। कोर्ट ने कहा, कि राज्यपाल को एक दोस्त, दार्शनिक और मार्गदर्शक की तरह होना चाहिए, न कि विकास के मार्ग में रोड़ा। सुप्रीम कोर्ट के दो अहम निर्देश: पहला, निर्धारित समयसीमा में निर्णय जरूरी। राज्यपाल को हर विधेयक पर एक महीने के भीतर निर्णय लेना होगा – चाहे वह मंजूरी देना हो, राष्ट्रपति को भेजना हो या पुनर्विचार के लिए लौटाना हो। और दूसरा दोबारा पास बिल पर मंजूरी अनिवार्य। यदि विधानसभा कोई बिल दोबारा पास करती है, तो राज्यपाल उसे मंजूरी देने से इनकार नहीं कर सकते। संवैधानिक प्रावधान अनुच्छेद 200 के अनुसार राज्यपाल के पास विधानसभा द्वारा भेजे गए बिलों पर 4 विकल्प होते हैं: मंजूरी देना, मंजूरी रोकना, राष्ट्रपति के पास भेजना और पुनर्विचार के लिए लौटाना, लेकिन यदि विधानसभा बिल को दोबारा पास कर भेजती है, तो मंजूरी देना अनिवार्य हो जाती है। राजनीतिक प्रतिक्रिया तमिलनाडु सरकार ने इस फैसले को लोकतंत्र की जीत बताया है। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कहा, यह फैसला उन ताकतों को जवाब है जो चुनी हुई सरकार की राह में रुकावटें डालती हैं। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला न सिर्फ तमिलनाडु बल्कि देश के सभी राज्यों के लिए संवैधानिक मार्गदर्शन की तरह है।
