
-विश्व जल दिवस के अवसर पर आयोजित की गई संगोष्ठी
गुवाहाटी । विश्व जल दिवस के अवसर पर, मेघालय विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (यूएसटीएम) में ‘जलवायु संकट के लिए जल – पूर्वोत्तर भारत’ विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। नई दिल्ली स्थित सामाजिक-पर्यावरणीय कार्य समूह नेचर केयर इनिशिएटिव (एनसीआई) द्वारा यूएसटीएम के जूलॉजी विभाग और अर्थ साइंस विभाग के सहयोग से संगोष्ठी आयोजित की गई थी। सम्मेलन में प्रख्यात पत्रकार एवं शिक्षाविद प्रोफेसर डॉ बलदेव राज गुप्ता ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि सभ्यता का केंद्रीय तत्व जल है। भारतीय प्रेस परिषद् नई दिल्ली के सदस्य रहे प्रोफेसर डॉ गुप्ता ने जल के ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व पर जोर देते हुए इसे सभ्यता का केंद्रीय तत्व बताया। सम्मेलन में डॉ गुप्ता के अलावा विभिन्न क्षेत्र की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियों ने शिरकत की, जिनमें ब्रीद ग्रीन प्राइवेट लिमिटेड के जल प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ दुर्गा प्रसाद मिश्रा, मेघालय के मेगअराइज़ परियोजना के उप परियोजना निदेशक जेम्स खारकोंगोर, यूएसटीएम के कुलपति प्रोफेसर जीडी शर्मा, नेचर केयर इनिशिएटिव के अध्यक्ष श्रीकांत शेखर साहू, हिमालयन न्यूज़ क्रॉनिकल की सम्पादक रीता रानी नायक, कॉटन विश्वविद्यालय के पर्यावरण और वन्यजीव जीवविज्ञान विभाग से डॉ. नारायण शर्मा, नई दिल्ली के भारतीय चीनी अध्ययन संस्थान में सहायक फेलो डॉ. मिर्ज़ा ज़ुल्फिकुर रहमान और यूएसटीएम के आउटरीच सेल की निदेशक डॉ. निवेदिता पॉल शामिल थे। आयोजन में यूएसटीएम के जूलॉजी और अर्थ साइंस विभागों के संकाय सदस्यों के साथ ही साथ पर्यावरण संरक्षण पर केंद्रित उत्साही छात्रों ने भी हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान मेघालय से 2024 के राष्ट्रीय जल पुरस्कार के तीन विजेताओं को सम्मानित किया गया। हिमालयन न्यूज़ क्रॉनिकल्स के सहयोग से उक्त सम्मेलन का आयोजन किया गया।
