
-पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमेटी ने रिपोर्ट में रेलवे से की सिफारिश, दिए सुझाव
नई दिल्ली । पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमेटी ने रेलवे की सिफारिश की है कि अमृत भारत रेलवे स्टेशन के तहत रिडेवलप हो रहे स्टेशनों भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। इसके लिए स्टेशनों पर आने और जाने के लिए कई गेट होने चाहिए, जिससे नई दिल्ली स्टेशन जैसी भगदड़ की घटनाएं न हों। रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि अमृत भारत स्टेशन के तहत के देश के 1337 स्टेशनों को रिडेवलप किया जा रहा है, जिसमें 453 रेलवे स्टेशन का काम पूरा होने वाला है, लेकिन इनमें कितने पूरे हो चुके हैं, इसकी संख्या पर संशय है। पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमेटी रेलवे पर सिफारिश की है कि अमृत भारत रेलवे स्टेशन के तहत रिडेवलप हो रहे स्टेशनों भीड़ के प्रबंधन पर विशेष ध्यान जाना चाहिए। कमेटी के मुताबिक दिल्ली जैसी घटनाओं को रोकने के लिए भीड़ मैनेजमेंट में सुधार करना जरूरी है। इसके लिए स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट के लिए कई गेट बनाए जाने चाहिए। इसके साथ ही सुरक्षा जांच प्वाइंट, उचित प्रकाश व्यवस्था और जगह जगह संकेतक लगाने चाहिए, जिससे यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो। इसके साथ ही स्टेशनों पर पर्याप्त कर्मियों की तैनाती की जानी चाहिए, जिससे भगदड़ जैसे हालात न बन पाएं। यह बात रेलवे पर स्थायी समिति ने रेल मंत्रालय की अनुदान मांगों पर अपनी रिपोर्ट में कही। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 2024-25 के दौरान 453 स्टेशनों के रिडेवलपमेंट का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन दिसंबर 2024 तक केवल एक ही स्टेशन का रिडेवलमेंट हो पाया है। मंत्रालय प्रोजेक्ट के टाइम लाइन की निरागनी के लिए एक समर्पित टाक्स फोर्स का गठन करे, जिससे संभावित बाधाओं को दूर करने के लिए लोकल प्रशासन और रेलवे अधिकारियों के बीच बेहतर कोआर्डीनेशन किया जा सके। रेल मंत्रालय के मुताबिक अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत अब तक कुल 1,337 स्टेशनों की पहचान की गई है जिनमें से 1,202 स्टेशनों पर काम शुरू हो चुका है। प्रोजेक्ट की कुल लागत करीब 1 लाख करोड़ रुपए है। मंत्रालय के मुताबिक इस योजना के लिए कोई निश्चित समय-सीमा नहीं है, क्योंकि रेलवे स्टेशनों रिडेवलमेंट में ट्रेनों और यात्रियों की सुरक्षा प्राथमिकता होती है।
