
-यूनुस सरकार ने अमेरिकी खुफिया निदेशक गबार्ड के बयान पर जताई चिंता
ढाका,। भारत यात्रा पर आई अमेरिकी सरकार की खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड ने बांग्लादेश की पोल खोल दी है। भारत बार-बार कहता रहा है कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हमले हो रहे हैं। तुलसी ने साफ कहा है कि इस्लामिक आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए ट्रम्प प्रशासन प्रतिबद्ध है। तुलसी गबार्ड के बयान पर बांग्लादेश की अंतरिम सरकार भड़क गई। यूनुस सरकार ने एक बयान जारी कर कहा कि हम तुलसी गबार्ड की टिप्पणियों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हैं। उनका स्टेटमेंट भ्रामक और बांग्लादेश की छवि व प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाला है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश एक ऐसा राष्ट्र है जिसकी पारंपरिक इस्लाम प्रथा समावेशी और शांतिपूर्ण रही है। बांग्लादेश ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में प्रोग्रेस की है। गबार्ड का बयान ठोस प्रमाणों पर आधारित नहीं है। बांग्लादेश पर बेतुके आरोप लगाए गए हैं। कई अन्य देशों की तरह बांग्लादेश भी चरमपंथ का सामना कर रहा है। गबार्ड ने एक दिन पहले बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न पर अमेरिकी सरकार की गहरी चिंता दोहराई। उन्होंने विश्व स्तर पर चरमपंथी समूहों द्वारा अपनाए जा रहे “इस्लामी खिलाफत” की विचारधारा की निंदा की। बता दें कि शेख हसीना सरकार के जाने के बाद जो बाइडेन ने एक बांग्लादेश पर डोरे डालने शुरू कर दिए थे। यूनुस और बाइडेन की गले लगने वाली तस्वीरों ने भी खूब सुर्खियां बटोरी थी। हालांकि ट्रंप प्रशासन शुरू से ही यूनुस पर हमलावर हैं। अपने चुनाव प्रचार कार्यक्रम में भी ट्रंप ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार का मुद्दा उठाया था। राष्ट्रपति बनने के बाद पीएम मोदी से मुलाकात के दौरान भी ट्रंप ने मीडिया द्वारा पूछे गए सवाल पर कहा था कि बांग्लादेश के साथ कैसे डील करना है, यह मैं पीएम मोदी पर छोड़ता हूं।
