
-पूरा यूरोप जेलेंस्की के साथ खड़ा, लोग दे रहे हिम्मत की दाद
कीव,। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के बीच नोंकझोंक की खबरें पूरी दुनिया में छाई हुई हैं। इस मसले पर दुनिया बंट चुकी है। कुछ लोग जेलेंस्की की हिम्मत की दाद दे रहे हैं तो कुछ इसे उनकी सबसे बड़ी कूटनीतिक गलती बता रहे हैं। इस वक्त पूरा यूरोप जेलेंस्की के साथ है। ब्रिटेन के नेतृत्व में यूरोपीय देशों ने उनको बड़ी सहायता देने की घोषणा की है। अमेरिका के साथ रिश्तों को लेकर उनके रुख में नरमी आई है। एक रिपोर्ट के मुताबिक यूक्रेन में दुनिया के सबसे कीमती खनिज पदार्थों का अकूत भंडार है. इसमें ग्रेफाइट, मैग्निशियम, लोहा, बेरीलियम, लिथियम, यूरेनियम और टिटैनियम शामिल हैं। ये ऐसे खनीज पदार्थ हैं जो मौजूद वक्त में किसी भी देश की किस्मत बदल सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक इन खनिजों का कुल मूल्य करीब 15 ट्रिलियन डॉलर है। इस राशि की व्यापकता को आप इस तरह से समझ सकते हैं कि भारत की अर्थव्यवस्था का आकार करीब 3.5 ट्रिलियन डॉलर है यानी यूक्रेन का ये भंडार भारत की इकोनॉमी से तीन गुना बड़ा है। अमेरिका समेत रूस और दुनिया के अन्य देशों की नजर यूक्रेन की संपत्ति पर है। जेलेंस्की के अमेरिका दौरे के दौरान उनके साथ ट्रंप ने जो खनिज डील की बात कही थी वह इससे जुड़ी थी। हालांकि यूक्रेन ने अब अपनी सुरक्षा की गारंटी मिलने के बाद अमेरिका के साथ ऐसी डील करने की सहमति जता दी है। सबसे बड़ी बात यह है कि अमेरिका बिना किसी स्वार्थ के यूक्रेन की सहायता नहीं कर रहा है। उसने यूक्रेन में पानी की तरह पैसा बहाया है तो इसके पीछे एक बड़ी वजह यूक्रेन की खनिज संपदा है। यूक्रेन की ये खनिज संपदा अमेरिका के सप्लाई चेन को मजबूती दे सकती है। उसकी चीन पर निर्भरता कम हो सकती है। इस वक्त रेयर अर्थ के मामले में चीन सबसे बड़ा ग्लोबल खिलाड़ी बनकर उभरा है।
