
महंगाई और ट्रूडो के खिलाफ लोगों के गुस्से से पार्टी का समर्थन घट गया था
ओटावा,। कनाडा में इस साल आम चुनाव होना है जिसकी काउंटडाउन जारी है। मौजूद पीएम जस्टिन ट्रूडो की कुर्सी खतरे में नजर आ रही है कि उनकी सरकार बरकरार रहेगी या नहीं यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन उससे पहले सत्तारुढ़ लिबरल पार्टी के लिए एक अच्छी खबर है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ वार का फायदा खालिस्तानी प्रेमी पार्टी लिबरल को मिलता दिख रहा है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक नए सर्वे में जस्टिन ट्रूडो की लिबरल पार्टी को बढ़त मिलती नजर आ रही है। रिपोर्ट के मुताबिक कुछ महीने पहले 2025 का चुनाव जस्टिन ट्रूडो की सत्तारूढ़ लिबरल पार्टी हारती नजर आ रही थी। जनमत सर्वेक्षणों में पीएम जस्टिन ट्रूडो की लिबरल पार्टी विपक्षी कंजर्वेटिव से 26 फीसदी पीछे थी। महंगाई संकट और जस्टिन ट्रूडो के खिलाफ गुस्से के कारण लिबरल पार्टी का समर्थन घट गया था। लोग उसके खिलाफ थे। इतना ही नहीं, आगामी चुनावों से पहले ट्रूडो के इस्तीफे की मांग बढ़ गई थी लेकिन अब पासा पलटता हुआ दिख रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि कई वजहों से कनाडा की सियासी हवा बदल रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बार-बार कनाडा को टैरिफ वार की धमकी दे रहे हैं। ट्रंप के कनाडा धमकाने का फायदा ट्रूडो को होता दिख रहा है, जिस तरह से ट्रूडो अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को जवाब दे रहे हैं, उससे लग रहा है कि कनाडा की जनता खुश है। यही वजह है कि लिबरल के पक्ष में लोग आ रहे हैं। हाल ही जारी सर्वे में बताया गया है कि जस्टिन ट्रूडो की लिबरल पार्टी अब तक कंजर्वेटिव से पीछे थी लेकिन अब उसने इस अंतर को कम कर दिया है। पिछले हफ्ते जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक जस्टिन ट्रूडो की लिबरल पार्टी को 2021 के बाद पहली बार कंजर्वेटिव पर बढ़त हासिल करते दिखाया गया है। सर्वे में ट्रूडो की पार्टी वापसी करती दिख रही है। हैरानी की बात है कि दो महीने पहले तक लिबरल घिरे हुए थे। सर्वे में लिबरल पार्टी आगे निकल चुकी है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि ट्रंप के टैरिफ वार में जिस तरह ट्रूडो जवाब दे रहे हैं, इससे कनाडा के लोग फिर उनके साथ खड़े नजर आ रहे हैं और इसका फायदा चुनाव में ट्रूडों को हो सकता है।
