
इन्दौर देश के 192 मान्यता प्राप्त चिड़िया घरों में से एक इन्दौर के चिड़ियाघर कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय में शेर और बाघों सहित अन्य जानवरों के कुनबों में लगातार वृद्धि हो रही है। गत दिनों हिप्पोप्टेम्स द्वारा एक बच्चे को जन्म देने के बाद अब इन्दौर के कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय में बंगाली बाघिन जमुना ने तीन शावकों को जन्म दिया तो शेरनी सुंदरी ने भी दो शावकों को जन्म दिया है। कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय के प्रभारी डॉ. उत्तम यादव के अनुसार जू के रखरखाव और माहौल की वजह से यहां पर लगातार जीव जंतुओं का कुनबा बढ़ रहा है। बाघिन जमुना ने 3 शावकों को जन्म दिया है। जिनमें एक सफेद और दो मेलानिस्टिक ब्लैक कलर के हैं। बाघिन जमुना और तीनों शावक स्वस्थ हैं। जमुना अब तक 6 बार में 10 शावकों को जन्म दे चुकी है। बता दें कि शेर और बाघों की इस कुनबा वृद्धि से इन्दौर के चिड़ियाघर को एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत भी फायदा मिलेगा यहां से पूर्व में भी एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत कई शेर और बाघ अलग-अलग प्राणी संग्रहालयों को दिए जा चुके हैं। ज्ञात हो कि इन्दौर के नवलखा क्षेत्र में स्थित कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय मध्यप्रदेश का सबसे बड़े और सबसे पुराना चिड़ियाघर है जिसे जू अथॉरिटी द्वारा स्माल कैटेगरी में शामिल किया गया है और जो वर्तमान में करीब 51 एकड़ क्षेत्रफल में फैला हुआ है। इसकी स्थापना सन् 1974 में 17 एकड़ जमीन पर हुई थी उसके पश्चात 1999 में कैदीबाग की 34 एकड़ जमीन भी इसमें शामिल कर ली गई थी। यहां जानवरों को दिए जाने वाले माहौल और उनकी देखभाल के चलते इनके ब्रीडिंग सिस्टम में काफी मदद मिल रही है।
