
मुंबई । तमाम तरह के आरोपों से घिरे महाराष्ट्र के मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता धनंजय मुंडे लाइलाज बीमारी बेल्स पाल्सी से पीड़ित हो गए हैं। इसकी जानकारी खुद मुंडे ने अपने फेसबुक एकाउंट दी। उन्होंने बताया कि फिलहाल मैं दो मिनट भी ठीक से बोल नहीं पा रहा हूं, जिसकी वजह से मैं मंत्रिमंडल की बैठक और सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल नहीं हो पा रहा हूं। मुंडे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री अजित पवार को भरोसा दिलाया कि वह अपनी बीमारी से उबरने और जल्द से जल्द सार्वजनिक सेवा में लौटने के लिए प्रतिबद्ध हैं। बता दें कि बीते साल नौ दिसंबर को बीड के मसाजोग में सरपंच संतोष देशमुख के अपहरण और हत्या से जुड़े जबरन वसूली के मामले में मुंडे के करीबी सहयोगी वाल्मिक कराड की गिरफ्तारी के बाद से वह विपक्ष और सत्तारूढ़ ‘महायुति’के कुछ सहयोगियों के निशाने पर हैं। मुंडे ने कहा है कि उनका सरपंच मामले से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कृषि मंत्री रहते हुए अनियमितताओं के आरोपों का भी खंडन किया है। क्या है बेल पाल्सी जानकारों के मुताबिक बेल पाल्सी चेहरे मांसपेशियों के कमजोर होने या लकवा मारने से जुड़ा है। यह अचानक शुरू हो सकता है और मरीज की स्थिति 48 घंटों के भीतर बिगड़ सकती है। इसमें आमतौर पर चेहरे या सिर में दर्द और असहजता हो सकती है। यह किसी भी उम्र में हो सकता है, लेकिन अधिकांश इसका असर गर्भवती महिलाओं और डायबिटीज, इन्फ्लुएंजा, सर्दी या सांस की परेशानी से जुड़े लोगों में हो सकता है। खास बात है कि यह बीमारी स्थाई नहीं है, लेकिन दुर्लभ मामलों में यह आसानी से नहीं जाती है। फिलहाल, इस बीमारी का कोई इलाज नहीं है, लेकिन मरीज आमतौर पर 2 सप्ताह से लेकर 6 महीने के बीच रिकवरी होना शुरू हो जाती है।
