
– राज्य सरकार को 945 करोड़ रुपए की होगी बचत
मुंबई, । महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री लाडली बहन योजना के तहत अपात्र महिलाओं की संख्या में और वृद्धि होने की संभावना है। राज्य भर में लाडली बहन योजना के लिए आवेदनों का सत्यापन कार्य चल रहा है। फरवरी में और दो लाख लाडली बहनों के आवेदन खारिज होने की संभावना है। बताया जा रहा है कि इससे राज्य सरकार को 945 करोड़ रुपए की बचत होगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, लाडली बहन योजना में और दो लाख आवेदन खारिज होने की संभावना है। दरअसल पिछले कुछ दिनों से लाडली बहन योजना के लिए आवेदनों का सत्यापन चल रहा है। उन महिलाओं के आवेदन अस्वीकार किए जा रहे हैं जिनके पास चार पहिया वाहन हैं, जो विभिन्न टैक्स जमा करती हैं तथा जिनके पास जमीन है। राज्य भर में चल रही जांच के बाद पात्र लाडली बहनों को फरवरी की किस्त उनके खातों में मिलने की संभावना है। जानकारी के अनुसार फरवरी माह की किस्त अगले सप्ताह लाडली बहनों के बैंक खातों में जमा कर दी जाएगी। आपको बता दें कि महायुति सरकार ने विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री लाडली बहन योजना की घोषणा की थी और पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये की मासिक सहायता राशि प्रदान करने की योजना बनाई थी। यह योजना विधानसभा चुनाव में महायुति के लिए फायदेमंद साबित हुई। इस योजना के लिए लगभग 2 करोड़ 31 लाख 860 महिलाएं पात्र थीं। हालांकि, इस फरवरी माह में राज्य के विभिन्न जिलों में आयोजित स्क्रीनिंग प्रक्रिया के दौरान अपात्र अभ्यर्थियों की संख्या में वृद्धि हुई है। बताया गया है कि इस जांच प्रक्रिया के बाद लगभग 2 लाख महिलाओं को अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा। इस संबंध में एक विस्तृत रिपोर्ट महिला एवं बाल विकास विभाग को सौंप दी गई है। इन अपात्र लाभार्थियों में 65 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी महिलाएं और कुछ ऐसी महिलाएं शामिल हैं जिनके पास चार पहिया वाहन हैं। विधानसभा चुनाव के मद्देनजर उस समय लाभार्थियों को एकमुश्त किश्तें वितरित की गई थीं। लेकिन बाद में सरकार को पता चला कि ऐसी महिलाएं भी इस योजना का लाभ उठा रही हैं जो इस योजना के लिए अपात्र हैं या मानदंडों को पूरा नहीं करती हैं। इसलिए सरकार ने इस योजना के मानदंडों की जांच करने के लिए एक अभियान शुरू किया। इस अभियान के बाद करीब पांच लाख महिलाओं को अयोग्य घोषित कर दिया गया। जिन पांच लाख महिलाओं को पहले अपात्र घोषित किया गया था, उनमें 2 लाख 30 हजार संजय गांधी निराधार योजना की लाभार्थी थीं और 1 लाख 10 हजार 65 वर्ष से अधिक आयु की महिलाएं थीं। इसके अलावा, उस समय यह जानकारी सामने आई थी कि योजना से स्वेच्छा से अपना नाम वापस लेने वाली 1 लाख 60 हजार सहित कुल 5 लाख लाभार्थी महिलाएं नमोशक्ति योजना की लाभार्थी थीं, जिनके परिवार के सदस्यों के नाम पर चार पहिया वाहन हैं। – मुख्यमंत्री लाडली बहन योजना के लिए अब नए मापदंड सरकार अब मुख्यमंत्री लाडली बहन योजना के लिए नए मापदंड लागू करेगी। सरकार अब यह सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाने जा रही है कि योजना का लाभ केवल पात्र महिलाओं को ही मिले। लाडली बहन योजना की महिला लाभार्थियों को हर साल जून महीने में बैंक के साथ ई-केवाईसी पूरा करना होगा और जीवन प्रमाण पत्र संलग्न करना होगा। ई-केवाईसी हर साल 1 जून से 1 जुलाई के बीच करवाना होगा। जो महिलाएं विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उठाती हैं और जिनकी आय 2.5 लाख रुपये से अधिक है, उन्हें इस योजना के लिए अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा। राज्य सरकार यह जांचने के लिए आयकर विभाग की मदद लेगी कि लाभार्थी महिलाओं की आय 2.5 लाख रुपये से अधिक है या नहीं। नए पात्र और नए आधार लिंक किए गए लाभार्थियों को अब पिछले महीनों के लाभ के बजाय, यानी जुलाई से, उनके आवेदन के अनुमोदन के अगले महीने से लाभ प्रदान किया जाएगा। – कुछ महिलाओं के आवेदनों की पुनः जांच इस योजना के तहत लगभग 16.5 लाख महिलाओं के खातों में सीधे पैसा भेजे जाने के बाद, आवेदन में दिए गए नामों और जिस बैंक खाते में पैसा जमा किया गया था, उनके नामों में विसंगतियां पाई गईं। ऐसे लाभार्थियों की जिला स्तर पर पुनः जांच की जाएगी तथा अपात्र पाए जाने वालों को अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा। खबर है कि जिन महिलाओं का आधार कार्ड इस योजना से लिंक नहीं होगा, उन्हें भी इस योजना से बाहर रखा जाएगा।
