
-निवेशकों की निगाहें अब कंपनी के विकास और शेयर प्रदर्शन पर टिकीं
नई दिल्ली,। भारत के ऊर्जा क्षेत्र की रिलायंस पावर भारी नुकसान झेलने के बाद अब कंपनी मुनाफे की और लौट आई है। अक्टूबर से दिसंबर 2024 तिमाही में कंपनी ने 41.95 करोड़ का शुद्ध लाभ हासिल किया है, जो पिछले साल की समान अवधि में 1,136.75 करोड़ के नुकसान की तुलना में जबरदस्त सुधार है। कंपनी के आय बढ़ाने और खर्चों को नियंत्रित करने की रणनीति ने इसे घाटे से उबरने में मदद की है। अब निवेशकों की निगाहें कंपनी के आगे के विकास और शेयर प्रदर्शन पर रहेंगी। सितंबर 2024 तिमाही में 2,878.15 करोड़ का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ था, जो एक सहायक कंपनी के विघटन से हुए एकमुश्त लाभ की वजह से संभव हुआ है। हालांकि, संचालन से होने वाली आय 4.6 फीसदी घटी और 1,852 करोड़ रही थी। तिमाही नतीजों के बाद रिलायंस पावर के शेयरों में उछाल आया, लेकिन बाजार के दबाव के कारण फिर गिरकर 39.65 पर ट्रेड कर रहा है। 2020 में 1 रुपए के लो से बढ़कर 39.65 तक पहुंचना भी इस कंपनी के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। रिलायंस पावर ने जीरो बैंक लोन कंपनी का दर्जा हासिल कर लिया है। डेट-टू-इक्विटी रेश्यो 1.61:1 से घटकर 0.86:1 हो गया, जो इस सेक्टर में सबसे कम है। कंपनी ने हाल ही में सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया से 930 मेगावाट के सोलर+बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम प्रोजेक्ट का ठेका हासिल किया है। यह एशिया का सबसे बड़ा सोलर और बैटरी स्टोरेज प्रोजेक्ट होगा। यह प्रोजेक्ट 3.53 प्रति किलोवाट घंटे की दर से जीता गया है। मध्य प्रदेश में स्थित 3,960 मेगावाट का सासन अल्ट्रा मेगा पावर प्रोजेक्ट कंपनी का सबसे बड़ा संयंत्र है। इसका प्लांट लोड फैक्टर (पीएलएफ) 93 फीसदी है, जो इसे भारत के शीर्ष प्रदर्शन करने वाले पावर प्लांट्स में शामिल करता है। कंपनी का कुल परिचालन पोर्टफोलियो 5,300 मेगावाट का है। रिलायंस पावर ने घाटे से बाहर निकलकर बेहतर वित्तीय स्थिति और नई परियोजनाओं के जरिए मजबूती हासिल की है। कंपनी का बैंक लोन खत्म करना, नए सोलर प्रोजेक्ट हासिल करना और सासन पावर प्लांट का शानदार प्रदर्शन इसे आगे और मजबूत बनाएगा।
