
नारायणपुर । छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिला अस्पताल की लचर स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर शर्मसार हो गई। अस्पताल में शव वाहन की अनुपलब्धता के कारण परिजन घंटों तक अपने मृतक परिजन के शव के साथ बैठे रहे, लेकिन प्रशासन से कोई मदद नहीं मिली। जानकारी के अनुसार, नारायणपुर जिला मुख्यालय से 30 किलोमीटर दूर धोड़ाई गांव के निवासी आर्कित सलाम को उल्टी-दस्त की गंभीर समस्या के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। लेकिन जब परिजनों ने शव को गांव ले जाने के लिए वाहन की मांग की, तो अस्पताल प्रशासन असमर्थ नजर आया। शव वाहन खराब होने के कारण परिजनों को खुद ही व्यवस्था करने के लिए मजबूर होना पड़ा। मृतक के परिजन रजनी सलाम और लक्ष्मण सलाम अस्पताल प्रशासन से गुहार लगाते रहे, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। आखिरकार, कांग्रेस के पूर्व पार्षद ने खुद गाड़ी का इंतजाम कर शव को गांव भेजने की जिम्मेदारी उठाई। इस अव्यवस्था को लेकर मृतक के परिजनों ने सरकार और प्रशासन पर सवाल उठाते हुए आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं की इतनी खराब स्थिति बेहद चिंताजनक है। अस्पताल प्रशासन की लापरवाही ने एक बार फिर जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोल दी है। इस मामले में अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई ठोस जवाब नहीं आया है। शव वाहन की नियमित देखरेख और मरीजों को सुविधा देने में प्रशासन की लापरवाही आम जनता के लिए परेशानी का सबब बन रही है।
