लखनऊ, सीएमओ कार्यालय परिसर में आयुष्मान मित्रों ने सर्दी के समय कपड़े उतारकर अर्द्धनग्न प्रदर्शन किया। आक्रोशित आयुष्मान मित्रों ने कहा कि अब अगले चरण में अन्न-जल त्याग कर जल्द ही अनिश्चितकालीन प्रदर्शन किया जाएगा। सरकारी अस्पतालों में आयुष्मान मित्र के तौर पर कार्यरत रहे इन कर्मचारियों का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी उन लोगों को लखनऊ, रायबरेली समेत कई जिलों में तैनाती नहीं दी जा रही है। तैनाती के अलावा मांग की कि वह किसी सेवा प्रदाता कंपनी के तहत काम नहीं करेंगे। उन लोगों को जबरन सेवा प्रदाता कंपनी में आउटसोर्स कर्मचारी के तौर पर मर्ज न किया जाए। शासन की ओर से आयुष्मान मित्रों को सीधे सरकारी अस्पताल में मानदेय पर रखा गया है। आयुष्मान मित्र मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे सीएमओ कार्यालय पर पहुंचे। वहीं पर शर्ट उतारकर कोर्ट के आदेश की प्रति हाथ में लेकर प्रदर्शन, नारेबाजी की। सीएमओ कार्यालय के कुछ अफसरों, कर्मचारियों पर अभद्र व्यवहार किए जाने और ज्वाइनिंग के लिए रुपए मांगने का भी आरोप लगाया। इनका आरोप है कि सीएमओ से ज्वाइनिंग के संबंध में मुलाकात की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। आयुष्मान मित्रों का कहना है कि वर्ष 2018 में लखनऊ समेत पूरे प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना के तहत सरकार की ओर से उन लोगों को मानदेय पर भर्ती किया था। उन्हें आयुष्मान योजना का कार्ड बनाने व आयुष्मान से जुड़े दूसरे काम देखने, मरीजों को समय से इलाज करवाने में सहयोग करने आदि काम पर रखा गया है, जिसे वह निरंतर करते आ रहे हैं। साथ ही उन लोगों को जबरन एक कंपनी के जरिए आउटसोर्स पर कर्मचारी तैनात किया जा रहा है। कई कर्मचारियों ने जबरन ज्वाइन भी किया, लेकिन उनमें से भी कई कर्मचारी को कुछ ही दिन में हटा दिया गया है।
