
सीतापुर। सपा प्रमुख पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व राहुल गाँधी के निर्देश पर “लोकतंत्र बचाओ सप्ताह, वोट बचाओ–देश बचाओ” अभियान के अंतर्गत समाजवादी पार्टी द्वारा विशाल धरना प्रदर्शन किया गया। जिसके बाद राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन पत्र भी दिया गया है। धरना प्रदर्शन जिलाध्यक्ष शमीम कौसर सिद्दीकी व कांग्रेस जिलाध्यक्ष डा. ममता वर्मा के नेतृत्व में किया गया।
इस दौरान भारत निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े गंभीर सवालों तथा चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं निष्पक्षता सुनिश्चित किए जाने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। जिलाध्यक्ष शमीम कौसर सिद्दीकी ने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति जनता के मताधिकार, संविधान और संवैधानिक संस्थाओं में निहित है। प्रत्येक नागरिक के वोट की सुरक्षा और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करना लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियादी आवश्यकता है। लोकतंत्र की मजबूती के लिए स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव बेहद जरूरी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर विपक्षी दलों और आम जनता के बीच लगातार सवाल उठ रहे हैं। चुनाव आयोग जनता के विश्वास को बनाए रखने के लिए पारदर्शिता सुनिश्चित करे और किसी भी प्रकार के दबाव में काम न करे।
नेता प्रतिपक्ष सदस्य विधान परिषद जासमीर अंसारी ने कहा कि समाजवादी पार्टी लोकतांत्रिक मूल्यों, संविधान की गरिमा और नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार अपनी आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज और उसके मत की स्वतंत्रता का सम्मान होना आवश्यक है। विधायक अनिल वर्मा ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता के मत की स्वतंत्रता और उसकी विश्वसनीयता सर्वोपरि है। चुनाव प्रक्रिया में जनता का विश्वास कायम रहना लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक है।
राष्ट्रीय सचिव/पूर्व विधायक अनूप गुप्ता ने कहा देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए नागरिकों को अपने अधिकारों एवं संवैधानिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक रहना चाहिए। ज्ञापन में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने तथा उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग, निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता, पारदर्शिता एवं विश्वसनीयता सुनिश्चित की जाने, मतदाता सूची से संबंधित शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराई जाने, मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने एवं संशोधन की प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी बनाने समेत सात सूत्रीय मांगे रखी गई हैं। जिला अध्यक्ष डॉ ममता वर्मा ने कहा कि आज देश में वोट चोरी सबसे बड़ा मुद्दा है आज जिस तरह ज्ञानेश कुमार भाजपा से मिलकर पूरे देश में भाजपा की मदद कर रहे हैं जो कि पूरी तरह से अलोकतांत्रिक है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र लोकतांत्रिक संस्थाएं धीरे-धीरे भाजपा के पास गिरवीं हो रही हैं और आज का दिन हिन्दुस्तान के लोकतंत्र में काला दिन के रूप में हम मना रहें हैं।
प्रदर्शन के दौरान हुई नोकझोंक
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में पार्टी के झंडे और विरोध संबंधी तख्तियां लेकर जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंकने का भी कई बार प्रयास किया। हालांकि पुलिस प्रशासन पहले से ही पूरी तरह मुस्तैद रहा। पुलिस कर्मियों ने प्रदर्शनकारियों से पुतला छीन लिया और उसे जलाने नहीं दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच पुतले को लेकर कई बार खींचतान की स्थिति भी बनी, लेकिन पुलिस की सक्रियता के चलते प्रदर्शनकारी पुतला नहीं जला सके। और कई बार नोक झोक भी हुई।
धरना प्रदर्शन में पूर्व मंत्री नरेन्द्र सिंह वर्मा, पूर्व मंत्री रामपाल राजवंशी, पूर्व मंत्री रामहेत भारती, राष्ट्रीय सचिव/पूर्व विधायक अनूप गुप्ता, पूर्व विधायक राधेश्याम जायसवाल, पूर्व विधायक महेंद्र सिंह झीन बाबू, पूर्व विधायक रमेश राही, प्रवक्ता दिग्विजय सिंह देव, पूर्व मंत्री कमलेश यादव, प्रदेश सचिव क्षत्रपाल सिंह यादव, प्रदेश सचिव कुमुदलता, मास्टर प्रमोद वर्मा, पूर्व चेयरमैन अतीक खां, चंद्रशेखर यादव, नगर अध्यक्ष अनस खान, छात्र सभा अध्यक्ष शिवम् सिंह, सपा युवा नेता अतुल वर्मा, रमेश शुक्ला पदाधिकारी एवं पूर्व जिला अध्यक्ष उत्कर्ष अवस्थी, शहर अध्यक्ष शिशिर वाजपेई, पूर्व जिलाध्यक्ष विनीत दीक्षित ,पूर्व शहर अध्यक्ष संतोष भार्गव, श्रीष शुक्ला, रजत सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
