
डोनाल्ड ट्रंप टैरिफ का फैसला वापस न लेते तो और मच जाती तबाही
नई दिल्ली । अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी टैरिफ नीति पर बड़ा यू-टर्न लेते हुए बुधवार को 75 देशों के लिए रेसिप्रोकल टैरिफ पर 90 दिन तक रोक लगा दी है। बीते हफ्ते तक ट्रंप ने कहा था कि मेरी नीतियां कभी नहीं बदलेंगी, लेकिन केवल एक सप्ताह में ही राजनीतिक और आर्थिक दबाव के चलते उन्होंने इस योजना पर विराम लगाने का निर्णय लिया। अमेरिकी बॉन्ड बाजार में मची हलचल ने डोनाल्ड ट्रंप को टैरिफ पर अपने कदम पीछे खींचने पर मजबूर कर दिया। सूत्रों के अनुसार अमेरिकी ट्रेजरी विभाग में बॉन्ड बाजार की स्थिति को लेकर बढ़ती चिंता ट्रंप के फैसले की प्रमुख वजह बनी। ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने हाल ही में ट्रंप से मुलाकात की और उन्हें बाजार की गिरावट और उसकी संभावित आर्थिक तबाही के बारे में जानकारी दी। ट्रंप ने भी मीडिया से बातचीत के दौरान कि बॉन्ड बाजार काफी पेचीदा है। एक हफ्ते पहले ग्लोबल ट्रेड सिस्टम को हिला देने वाली घोषणा करने के बाद अब ट्रंप ने कहा, आपको लचीला होना पड़ता है। वित्तीय बाजार तेजी से बदलते हैं। ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट का कहना है कि यह रोक किसी तरह की हार नहीं बल्कि राष्ट्रपति की रणनीति का हिस्सा है। राष्ट्रपति जहां एक तरफ बाजार की गिरावट को संभालने की कोशिश कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर उन्होंने कहा कि यह शेयर बाजार के इतिहास की सबसे बड़ी बढ़ोतरी है। अगर ऐसे ही चलता रहा तो हम चार हफ्ते पहले की स्थिति में लौट आएंगे।
