
नई दिल्ली,। म्यांमार में भूकंप के बाद भारत ने मदद के हाथ बढ़ाया था। भारत ने मंगलवार को फिर 400 टन राहत सामग्री म्यांमार भेजी है। इसके अलावा भारत ने राहत-बचाव और तलाशी अभियान के लिए टीम भी भेजी है। भारत सरकार ऑपरेशन ब्रह्मा के जरिए म्यांमार में भूकंप पीड़ितों की मदद कर रहा है। बता दें शुक्रवार को म्यांमार में 7.7 तीव्रता का भूकंप आया था जिसमें करीब 2 हजार से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। भारत मांडले एयरपोर्ट पर एक अस्पताल भी चला रहा है जहां घायलों का इलाज किया जा रहा है। वहीं 80 सदस्यों वाली एनडीआरएफ टीम इमारतों के मलबे से लोगों को निकालने का काम कर रही है। मंगलवार को विशाखापट्टनम पोर्ट से आईएनएस घड़ियाल को 442 मीट्रिक टन राहत सामग्री के साथ रवाना किया गया है। वहीं एसी-130 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट के जरिए 16 टन राहत सामग्री म्यांमार भेजी है। 30 टन राहत सामग्री पहले ही म्यांमार पहुंचाई जा चुकी है। इसमें खाने का सामान, टेंट और दवाइयां थीं। आईएनएस सतपुड़ा और आईएनएस सावित्री 50 टन सामग्री लेकर म्यांमार पहुंच चुका है। म्यांमार में तेज भूकंप के बाद भी कई झटके आएं हैं। ऐसे में लोग डरे हुए हैं और वे अपने घर जाने को तैयार नहीं हैं। बड़ी संख्या में लोग खुले में या फिर टेंट में रहने को मजबूर हैं। अधिकारियों का कहना है कि पड़ोसी प्रथम की नीति के तहत भारत ने तुरंत ही राहत और बचाव के लिए इंतजाम शुरु कर दिए थे। भारत ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह सबसे पहले मदद का हाथ आगे बढ़ाता है। भारत के अलावा चीन, रूस, फिलीपीन्स, पाकिस्तान और अन्य देशों ने भी म्यांमार में राहत सामग्री भेज रहे हैं।
