
मुंबई । बॉलीवुड एक्ट्रेस सारा अली खान को अक्सर अपने धार्मिक झुकाव के कारण ट्रोलिंग और आलोचना का सामना भी करना पड़ता है। हाल ही में सारा ने इन आलोचनाओं पर खुलकर जवाब दिया। सारा अली खान ने बताया कि उनकी मां अमृता सिंह ने उन्हें बचपन में ही सिखाया था कि धर्म और जाति की सीमाओं से खुद को परिभाषित न करें। उन्होंने साझा किया कि जब वह छोटी थीं, तो उनके मन में यह सवाल उठता था कि वह कौन हैं, क्योंकि उनके परिवार के सभी सदस्यों के नाम अलग-अलग धार्मिक पहचान दर्शाते थे। उन्होंने अपनी मां से पूछा था कि उनकी असली पहचान क्या है, तब अमृता सिंह ने उन्हें बताया था, तुम भारतीय हो और सारा इसे कभी नहीं भूलीं। उन्होंने भारत की धर्मनिरपेक्ष पहचान पर जोर देते हुए कहा कि हमारे देश में धर्म और जाति की सीमाएं कृत्रिम रूप से बनाई गई हैं, जिनका वह पालन नहीं करतीं। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि कभी-कभी ट्रोलिंग उन्हें प्रभावित करती है, लेकिन अब उन्होंने इसे नजरअंदाज करना सीख लिया है। सारा ने कहा, दूसरे लोगों के सोचने के तरीके को बदलना मूर्खता है, इसलिए मुझे इसे नजरअंदाज करना होगा। अपनी केदारनाथ यात्राओं के बारे में बात करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि यह उनके लिए व्यक्तिगत अनुभव है और किसी को पसंद हो या न हो, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने कहा, मुझे वहां शांति और खुशी मिलती है, और यही सबसे जरूरी बात है। सारा के इस बयान के बाद उनके फैंस ने उनकी बेबाकी की सराहना की, जबकि ट्रोलर्स को भी करारा जवाब मिला। एक्ट्रेस सारा अली खान अक्सर अपने धार्मिक और आध्यात्मिक रुझान को लेकर चर्चा में रहती हैं। वह केदारनाथ, महाकालेश्वर और कई अन्य हिंदू तीर्थ स्थलों की यात्राएं करती हैं और वहां की तस्वीरें और वीडियो भी साझा करती हैं।
