
लंदन । नास्तिक कानूनी पत्रकार ली स्ट्रोबेल पहले भगवान में विश्वास नहीं करते थे, अब मानते हैं कि मृत्यु के बाद की दुनिया हकीकत है और उनके पास इसके प्रमाण भी हैं। अपनी नई किताब “सीइंग द सुपरनैचुरल: इन्वेस्टिगेटिंग एंजल्स, डेमन्स, मिस्टिकल ड्रीम्स, नियर-डेथ एक्सपीरियंसेस, एंड अदर मिस्ट्रीज़ ऑफ द अनसीन वर्ल्ड” में उन्होंने उन घटनाओं की जांच की है, जो पारलौकिक शक्तियों की मौजूदगी का संकेत देती हैं। स्ट्रोबेल ने कई मृत्यु के निकट के अनुभवों का अध्ययन किया, जिन्हें विज्ञान आज तक समझ नहीं पाया। एक महिला का उदाहरण देते हुए उन्होंने लिखा कि जब वह मृत्यु के करीब पहुंची, तो उसने एक सफेद सुरंग देखी, जहां वर्जिन मैरी की छवि उभरी। महिला ने बताया कि वह एक अद्भुत प्रकाश से घिरी थी, जिसने उसे उसके जीवन के सभी अच्छे और बुरे कर्मों का अहसास कराया। एक और चौंकाने वाली घटना में, दृष्टिहीन विकी नाम की महिला, जिसने 22 साल तक कुछ नहीं देखा था, एक कार दुर्घटना के बाद अचानक अपने शरीर के ऊपर मंडराने लगी। वह डॉक्टरों को अपना इलाज करते हुए देख पा रही थी, जबकि उसका शरीर बेहोश पड़ा था। जब होश में आई, तो उसने अपने दोस्तों और घटनास्थल का ऐसा सटीक वर्णन किया, जिसे जानकर सभी हैरान रह गए। लेकिन हर अनुभव इतना सुखद नहीं था। नॉर्थ केंटकी यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर हॉवर्ड स्टॉर्म ने भी अपनी मौत के करीब जाने की घटना साझा की। उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने कुछ रहस्यमयी परछाइयों का पीछा किया, जो उन्हें एक अंधेरे गलियारे में ले गईं। अचानक, उन पर भूतिया आकृतियों ने हमला कर दिया उन्हें मारा, खींचा और घायल किया। डर के मारे उन्होंने भगवान को पुकारा, तभी एक दिव्य रोशनी आई और उन्हें बचा लिया गया। स्ट्रोबेल की किताब में और भी कई घटनाएं दर्ज हैं, जो यह साबित करने का दावा करती हैं कि मृत्यु के बाद जीवन केवल एक कल्पना नहीं, बल्कि सच्चाई है।
