मुम्बई । भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) खेल से संन्यास लेने वाले खिलाड़ियों की देखभाल और उनके योगदान के प्रति सम्मान देने के लिए खिलाड़ियों को पेंशन भी देती है। महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर सहित सभी खिलाड़ियों को ये पेंशन दी जाती है। ये पेंशन खिलाड़ियों द्वारा खेले गए टेस्ट मैचों की संख्या पर भी निर्भर करती है। यानी, जितने अधिक टेस्ट मैच खेले गए होंगे, पेंशन उतनी ही ज्यादा होगी। यह योजना क्रिकेटरों की लंबी सेवा और उनके योगदान को सम्मान देने के लिए लागू की गई है। सचिन को बीसीसीआई की ओर से हर महीने 70,000 रुपये की पेंशन दी जाती है। यह राशि उनकी क्रिकेट यात्रा और उनकी उपलब्धियों को देखते हुए तय की गई है। सचिन के अलावा कई अन्य पूर्व क्रिकेटरों को भी बीसीसीआई की ओर से पेंशन दी जाती है। जैसे कि युवराज सिंह को हर महीने 60,000 रुपये की पेंशन मिलती है, जबकि पूर्व भारतीय क्रिकेटर विनोद कांबली को हर महीने 52 हजार की राशि मिलती है। यह पेंशन योजना उन खिलाड़ियों के लिए एक सम्मान के रूप में देखी जाती है, जिन्होंने अपने करियर में भारत के लिए खेलते हुए अहम योगदान दिया है। क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी बीसीसीआई अपने पूर्व खिलाड़ियों की आर्थिक सुरक्षा तय करने के लिए जारी रखे हुए हैं। इसका कारण है कि कई पूर्व क्रिकेटर आर्थिक तौर पर सक्षम नहीं है। बीसीसीआई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों के अलावा रणजी खेलने वाले क्रिकेटरों को भी ये सुविधा देता है।
