
नई दिल्ली । आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन कर सभी को प्रभावित करने वाले मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती अपने करियर में कई बदलावों से गुजरे हैं। वरुण शुरु से क्रिकेटर बनना चाहते थे पर उनका लक्ष्य स्पिनर नहीं बल्कि तेज गेंदबाज बनना था पर उन्हें अवसर नहीं मिल पाया। ऐसे में टीम में विकेटकीपर बल्लेबाज के तौर पर प्रवेश का उन्होंने प्रयास किया और कई 40 ट्रायल दिए पर असफल रहे। ऐसे में निराश होकर उन्होंनें क्रिकेट को छोड़कर पढ़ाई पर ध्यान देना शुरु कर दिया और अंत में आर्किटेक्चर बनने में सफल रहे। इसके बाद इस क्षेत्र में नौकरी शुरु कर दी। आर्किटेक्ट की नौकरी के दौरान वह शौकिया तौर पर कंपनी की ओर खेलने लगी। इसके बाद काम में उनका मन नहीं लगा और उन्होंने एक बार फिर क्रिकेटर बनने की ठानी। उनका ध्यान तेज गेंदबाज बनने पर था जिसके लिए उन्होंन कए बार फिर प्रयास किया पर अभ्यास के दौरान घायल हो गये। इसके बाद सभी विकल्प आजमाने के बाद उनका ध्यान स्पिन गेंदबाजी की ओर गया। वह यूट्यूब से ही अनिल कुंबले और एडम जैम्पा की गेंदबाजी देख अभ्यास करने लगे। उनकी मेहनत रंग लायी। साल 2017 में वरुण ने तमिलनाडु के जुबली क्रिकेट वनडे टूर्नामेंट में 7 मैच में 31 विकेट लिए जिसकी बदौलत उन्हें तमिलनाडु प्रीमियर लीग में मौका मिला। 28 की उम्र में वरुण को आईपीएल में अवसर मिला। उन्हें 2019 में पंजाब ने 8.4 करोड़ रुपए में खरीदा। फिर वे कोलकाता नाइट राइडर से जुड़े और उन्हें अपनी गेंदबाजी से मिस्ट्री स्पिनर कहा जाने लगा। आईपीएल में शानदार प्रदर्शन के आधार पर उन्हें भारतीय टीम की ओर से खेलने का मौका मिला। श्रीलंका के खिलाफ 25 जुलाई 2021 को आर.प्रेमदासा स्टेडियम में उन्होंने टी20 क्रिकेट में डेब्यू किया। वहीं साल 2021 में यूएई में हुए टी-20 विश्वकप में वरुण अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाने की वजह से उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया। इससे वह निराश हो गये पर उन्होंने मेहनत नहीं छोड़ी और अभ्यास करते रहे। उनकी मेहनत सफल रही। गत वर्ष आईपीएल में 21 विकेट लेकर इस गेंदबाज ने कोलकाता की जीत में अहम भूमिका निभाई। इस सीजन के लिए कोलकाता ने उन्हें 12 करोड़ रुपए में रिटेन किया है। चैम्पियंस ट्रॉफी में तीन मैच में 9 विकेट लेकर वे टूर्नामेंट के दूसरे सफल गेंदबाज और भारत के सबसे सफल गेंदबाज रहे हैं। इस साल भारत-इंग्लैंड के बीच हुई टी-20 सीरीज के 5 मैचों में भी वह 14 विकेट लेकर वे मैन ऑफ द सीरीज भी बने थे।
