
हैदराबाद,। तेलंगाना सरकार द्वारा आयोजित सर्वदलीय बैठक से बीजेपी और बीआरएस के दूरी बनाए रखने पर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट करता है कि इन पार्टियों को तेलंगाना के विकास की कोई परवाह नहीं है। एआईएमआईएम प्रमुख ओवैसी ने कहा, कि कल तेलंगाना सरकार द्वारा आयोजित सर्वदलीय बैठक में राज्य के सभी सांसदों को आमंत्रित किया गया था, लेकिन दो केंद्रीय मंत्रियों समेत 8 बीजेपी सांसदों में से कोई भी इसमें शामिल नहीं हुआ। बीआरएस के नेता भी नहीं आए। उन्होंने इसे तेलंगाना के विकास के प्रति उदासीनता करार दिया है। ओवैसी ने केंद्र सरकार पर तेलंगाना की विकास परियोजनाओं को अटकलों में डालने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा: आरआरआर रोड प्रोजेक्ट (हैदराबाद की यातायात समस्या के समाधान के लिए महत्वपूर्ण) को केंद्र से मंजूरी नहीं मिली। 24,000 करोड़ रुपये की मेट्रो रेल परियोजना के 5 कॉरिडोर अभी तक पेंडिंग हैं। मूसी रिवरफ्रंट और बापू घाट के विकास के लिए केंद्र से कोई सहायता नहीं मिली। शहरी विकास मंत्रालय को एक सीवरेज मास्टरप्लान दिया गया, लेकिन अभी तक अप्रूवल नहीं आया। पर्याप्त आईपीएस अधिकारी नहीं मिल रहे ओवैसी ने कहा कि केंद्र सरकार तेलंगाना में आईपीएस अधिकारियों की संख्या बढ़ाने के अनुरोध को ठुकरा रही है। असम, केरल, मेघालय, पंजाब और झारखंड में अधिक आईपीएस अधिकारी हैं, लेकिन तेलंगाना को नए आईपीएस कैडर की मंजूरी नहीं मिल रही। इसी के साथ ओवैसी ने परिसीमन के मुद्दे पर केंद्र सरकार से स्पष्टीकरण मांगा और कहा कि हम गृह मंत्री से पूछना चाहते हैं कि प्रो-रेट का क्या मतलब है? क्या परिसीमन जनसंख्या के आधार पर होगा या नहीं? अगर दक्षिणी राज्यों को जनसंख्या में कमी के आधार पर दंडित किया जाता है, तो केंद्र में उनका राजनीतिक प्रभाव घट जाएगा। तेलंगाना के साथ भेदभाव बर्दाश्त नहीं ओवैसी ने कहा कि तेलंगाना के विकास को राजनीतिक कारणों से रोका जा रहा है, जो राज्य और देश दोनों के लिए नुकसानदायक है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि वह तेलंगाना की लंबित परियोजनाओं को जल्द मंजूरी दे और राज्य के विकास में बाधा न डाले।
