
नई दिल्ली,। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कोविड-19 महामारी के दौरान उनके रणनीतिक नेतृत्व और वैश्विक सहयोग के लिए ऑनरेरी ऑर्डर ऑफ फ्रीडम ऑफ बारबाडोस सम्मान से नवाजा गया है। इस सम्मान के लिए पीएम मोदी ने बारबाडोस की सरकार और वहां की जनता का आभार व्यक्त किया। बारबाडोस की राजधानी ब्रिजटाउन में गुरुवार को आयोजित एक विशेष समारोह में केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने प्रधानमंत्री मोदी की ओर से यह सम्मान ग्रहण किया। इस अवसर पर बारबाडोस की राष्ट्रपति डेम सैंड्रा मेसन, प्रधानमंत्री मिया अमोर मोटली, विदेश मंत्री केरी सिमंड्स और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इस सम्मान के लिए बारबाडोस की सरकार और वहां की जनता का आभार जताया। उन्होंने लिखा, इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए बारबाडोस की सरकार और लोगों का आभार। यह पुरस्कार 1.4 बिलियन भारतीयों और भारत-बारबाडोस के घनिष्ठ संबंधों को समर्पित है। वहीं केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इस सम्मान को लेकर गर्व और सम्मान व्यक्त किया। उन्होंने कहा, कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से ऑनरेरी ऑर्डर ऑफ फ्रीडम ऑफ बारबाडोस पुरस्कार प्राप्त करना एक गौरवशाली क्षण है। यह भारत-बारबाडोस की मित्रता का प्रतीक है। क्यों दिया गया यह सम्मान? बारबाडोस सरकार ने यह सम्मान कोविड-19 संकट के दौरान भारत द्वारा दी गई अहम सहायता और पीएम मोदी के निर्णायक नेतृत्व को मान्यता देने के लिए प्रदान किया। महामारी के समय भारत ने वैक्सीन मैत्री पहल के तहत कई देशों को वैक्सीन और चिकित्सा आपूर्ति भेजी थी, जिसमें बारबाडोस भी शामिल था। भारत और बारबाडोस के संबंध बारबाडोस कैरेबियाई क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण देश है और भारत के साथ राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक सहयोग में लगातार वृद्धि हो रही है। भारत ने बारबाडोस को वैक्सीन, दवाइयां और चिकित्सा उपकरण प्रदान किए थे, जिससे दोनों देशों के रिश्ते और मजबूत हुए। दोनों देश जलवायु परिवर्तन, सतत विकास और वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा जैसे मुद्दों पर साझा दृष्टिकोण रखते हैं। पीएम मोदी को मिला यह सम्मान न केवल उनकी वैश्विक नेतृत्व क्षमता को दर्शाता है, बल्कि यह भारत और बारबाडोस के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी का भी प्रमाण है।
