
नई दिल्ली , दिल की बीमारियां, जैसे हार्ट अटैक और ब्लॉकेज, बढ़ते ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल के कारण उत्पन्न होती हैं। लेकिन 2025 की शुरुआत में अगर हम अपने दिल का ख्याल रखना शुरू करें तो हार्ट ब्लॉकेज और अन्य दिल की समस्याओं से बचाव संभव है। एक प्राकृतिक और औषधीय उपाय है अर्जुन की छाल, जिसे अर्जुन की बाक भी कहा जाता है। यह दिल की समस्याओं के साथ-साथ कई अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के इलाज में भी सहायक है। अर्जुन की छाल में कई औषधीय गुण पाए जाते हैं, जो दिल के लिए बेहद फायदेमंद हैं। इसमें क्यूमारिन, टैनिन्स और फ्लेवोनॉयड्स जैसे तत्व होते हैं, जो न केवल दिल की मांसपेशियों को मजबूत बनाते हैं, बल्कि उच्च रक्तचाप को भी नियंत्रित करते हैं। इसके अलावा, अर्जुन की छाल के सेवन से कोलेस्ट्रॉल स्तर में भी कमी आती है। अर्जुन की छाल से बना काढ़ा पीने से रक्त प्रवाह बेहतर होता है और नसों में जमे हुए खून के थक्के पिघलने लगते हैं, जिससे ब्लड क्लॉटिंग और ब्लॉकेज की समस्या कम होती है। यह काढ़ा शरीर के भीतर रक्त संचार को बेहतर बनाता है और दिल को स्वस्थ रखने में मदद करता है। अर्जुन की छाल का काढ़ा न केवल दिल के लिए, बल्कि मानसिक तनाव और एंग्जायटी से भी राहत दिलाता है। आजकल की तेज़-तर्रार लाइफस्टाइल में लोग मानसिक तनाव और चिंताओं का सामना करते हैं, लेकिन अर्जुन की छाल इन समस्याओं से बचाव करने में सहायक होती है। यह शरीर को स्ट्रेस फ्री बनाने में मदद करती है, जिससे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर रहता है। अर्जुन की छाल का काढ़ा बनाने के लिए आपको अर्जुन की छाल का पाउडर या टुकड़ा, आधा चम्मच दालचीनी पाउडर, आधा कप पानी और 2 कप शहद की जरूरत होती है। इन सभी सामग्री को धीमी आंच पर उबालें जब तक पानी आधा न रह जाए। फिर इसे छानकर, थोड़ा ठंडा होने पर शहद मिलाकर इसका सेवन करें। यह काढ़ा आप सुबह या रात को ले सकते हैं। हालांकि, यदि आपको पहले से किसी स्वास्थ्य समस्या का सामना हो रहा है या आप दवाओं का सेवन कर रहे हैं, तो अर्जुन की छाल का काढ़ा पीने से पहले चिकित्सक से परामर्श जरूर लें, ताकि कोई साइड इफेक्ट न हो। बता दें कि साल 2024 में दिल की बीमारियों ने दुनिया भर में कई जिंदगियां लीं। दिल से जुड़ी समस्याओं का बढ़ना मुख्य रूप से खराब लाइफस्टाइल, गलत खानपान, बढ़ते तनाव और शारीरिक गतिविधियों की कमी से जुड़ा हुआ है।
