
रायपुर । छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर सदन में शोक व्यक्त किया गया। पक्ष और विपक्ष के सदस्यों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने डॉ. मनमोहन सिंह के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि उन्होंने लंबे समय तक उनके साथ कार्य किया। बतौर मुख्यमंत्री वे उनसे नियमित रूप से मुलाकात करते थे। डॉ. सिंह एक दूरदर्शी आर्थिक सुधारक थे, जिनकी नीतियां देश के आर्थिक विकास में मील का पत्थर साबित हुईं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह ने सार्वजनिक जीवन में कई महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। वित्त मंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में उनकी सेवाएं देश के लिए अतुलनीय रहीं। उन्होंने भारत को लाइसेंस राज से मुक्त कर उदारीकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि संसद सदस्य के रूप में उन्हें डॉ. सिंह से बहुत कुछ सीखने का अवसर मिला। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह भारतीय अर्थव्यवस्था के निर्माण में एक साक्षी और महत्वपूर्ण भागीदार रहे। उन्होंने आधार कार्ड जैसी योजनाओं को लागू कर देश में एक नई व्यवस्था स्थापित की। उनकी सादगी, सौम्यता और समर्पण उन्हें एक विशिष्ट नेता बनाती हैं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह ने विभाजन का दर्द सहा और अपनी मेहनत से देश की सर्वोच्च पदवी तक पहुंचे। उन्होंने उदारीकरण की नीति अपनाकर देश की अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा दी। उनके कार्यकाल में कृषि और रोजगार के क्षेत्र में बड़े सुधार हुए। उन्होंने दुनिया की सबसे बड़ी रोजगार गारंटी योजना, मनरेगा की शुरुआत की, जो आज भी गरीबों के लिए सहारा बनी हुई है। सभी नेताओं ने डॉ. मनमोहन सिंह के योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।
