
अमेरिका और चीन को मिलेगी कड़ी टक्कर
नई दिल्ली । भारत में सेमीकंडक्टर सेक्टर तेजी से उभर रहा है और अगले पांच सालों में इस बाजार की तस्वीर बदलने की संभावना है। इस मार्केट का विस्तार होने से भारत ने अमेरिका और चीन को टक्कर देने की तैयारी की है। सेमीकंडक्टर होते हैं छोटे इलेक्ट्रॉनिक पुर्जे, जिनका मुख्य उपयोग कंप्यूटर, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में होता है। भारत में उनकी मांग बढ़कर नौकरियों के नए अवसर भी उत्पन्न होने की संभावना है। भारतीय सेमीकंडक्टर मार्केट का आंकड़ा 2025 तक 103.4 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है, जो एक अद्वितीय बाजार के उद्भव का संकेत है। इंडियन इलेक्ट्रॉनिक्स एंड सेमीकंडक्टर एसोसिएशन (आईईएसए) की रिपोर्ट के अनुसार भारत में सेमीकंडक्टर की मांग बढ़ने से इलेक्ट्रॉनिक्स मार्केट को भी महत्वपूर्ण फायदा होगा। सेमीकंडक्टर के सेक्टर में आरएंडडी निवेश, सरकारी प्रोत्साहन योजनाएं और उद्योग सहयोग के माध्यम से भारत ने आगे कदम बढ़ाने का निर्णय लिया है। सेमीकंडक्टर सेक्टर के लिए भारतीय सेमीकंडक्टर मिशन को बढ़ावा देने और देश में रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए रिपोर्ट ने कुछ सुझाव दिए हैं। उनमें विशेष रूप से इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग पीएलआई की योजनाएं का रखा गया मूल्य है, जिससे स्थानीय उत्पादों का उपयोग बढ़ाकर देश में और ज्यादा निर्माण हो सके। विश्व सेमीकंडक्टर बाजार में अमेरिका और चीन का महत्वपूर्ण स्थान है, लेकिन भारत की भूमिका में भी ऐतिहासिक बदलाव की संभावना है। इस रुप्ये के दौर में सेमीकंडक्टर सेक्टर के विकास से देश को एक नया उद्योग क्षेत्र का दर्शन हो सकता है।
