
अरब देशों के साथ कूटनीतिक संबंधों को बढ़ाने पर होगी बातचीत
तेल अवीव,। इजराइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ बैठक में हमास और ईरान का मुकाबला करने और अरब देशों के साथ कूटनीतिक संबंधों को बढ़ाने पर चर्चा करेंगे। मंगलवार को व्हाइट हाउस में होने वाली बैठक ट्रंप के राष्ट्रपति पद पर दोबारा लौटने के बाद किसी विदेशी नेता के साथ पहली मुलाकात होगी। यह ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिकी और अरब मध्यस्थ गाजा पट्टी में युद्ध को खत्म करने और दर्जनों बंधकों को रिहा करने के अगले चरण के समझौते को लेकर काम शुरू कर रहे हैं। हमास ने पिछले महीने संघर्ष विराम के बाद से गाजा पर अपना नियंत्रण फिर से जमा लिया है, उसने कहा है कि वह युद्ध के अंत और इजराइली बलों की पूर्ण वापसी के बिना दूसरे चरण में रिहा होने वाले बंधकों को नहीं छोड़ेगा। इजराइली पीएम नेतन्याहू जो अपने दूर-दराज़ के सत्तारूढ़ साझेदारों से युद्ध को फिर से शुरू करने के लिए बढ़ते दबाव में हैं। यह साफ नहीं है कि ट्रंप इस सब में कहां खड़े हैं। वह इज़राइल के कट्टर समर्थक रहे हैं, लेकिन उन्होंने मिडिल-ईस्ट में युद्ध खत्म करने का भी वादा किया था और संघर्ष विराम समझौते में मदद करने का श्रेय भी लिया था। इस समझौते ने लड़ाई को रोक दिया है और 18 बंधकों की रिहाई का रास्ता खोल दिया है, जिन्हें 15 महीनों से ज्यादा समय से बंधक बनाकर रखा गया था, साथ ही इज़राइल द्वारा कैद किए गए सैकड़ों फिलिस्तीनियों को भी रिहा किया गया है। इजराइली मीडिया के मुताबिक वॉशिंगटन के लिए उड़ान भरने के लिए ‘विंग ऑफ जियोन’ विमान में सवार होने से पहले, पीएम नेतन्याहू ने कहा कि अमेरिकी राजधानी में उनकी बैठकों में इजराइल और क्षेत्र के सामने मौजूद महत्वपूर्ण, नाजुक मुद्दों पर चर्चा होगी। नेतन्याहू ने कहा कि ट्रंप के शपथ ग्रहण के बाद व्हाइट हाउस में उनसे मिलने वाले वह पहले विदेशी नेता हैं। उन्होंने कहा कि यह इजराइली-अमेरिकी गठबंधन की मजबूती का प्रमाण है। नेतन्याहू का तर्क है कि युद्ध में हमने जो निर्णय लिए हैं, उन्होंने पहले ही मध्य पूर्व का चेहरा बदल दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक युद्ध विराम और बंधक समझौते की शर्तों के अनुसार, समझौते के दूसरे चरण के लिए वार्ता पहले चरण के 16वें दिन, यानी सोमवार से शुरू होगा। बता दें 19 जनवरी से लागू गाजा युद्ध विराम समझौते के तहत अब तक चार बार बंदियों की अदला-बदली हो चुकी है। इसमें हमास ने इजराइली बंधकों को मुक्त किया है जिसके बदले में इजराइल ने फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा किया है।
